धार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मध्यप्रदेश के धार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विजय संकल्प रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिये कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि यह महाशय पुलवामा हमले को दुर्घटना बताते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि यही लोग ओसामा बिन लादेन को शांतिदूत मानते थे।
गौरतलब है कि कांग्रेस के कई नेता एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों और हमले के बारे में जानकारी मांग रहे हैं। हाल ही में दिग्विजय सिंह ने भी सबूत मांगे थे। इसी को लेकर बिना दिग्विजय का नाम लिये पीएम मोदी ने कहा, ‘जिस पार्टी ने सबसे लंबे समय तक देश पर शासन किया, जिस पार्टी के नेताओं ने हमारी पराक्रमी सेना के हाथ बांधकर रखे, उसके नेता अब हमारे वीर जवानों के सामर्थ्य पर सवाल उठा रहे हैं। इसमें भी मध्यप्रदेश के एक नेता बहुत आगे नजर आ रहे हैं। इन महाशय ने पुलवामा हमले को दुर्घटना करार दिया है यानी एक हादसा जो बस हो गया।’
यही इनकी मानसिकता है, यही इनकी रगों में बसा है’
मोदी ने आगे कहा, ‘देशवासी समझ लें कि उन्होंने ऐसे ही नहीं बोला है, बल्कि यह इनकी मानसिकता है। यही इनकी रगों में बसा हुआ है। आतंकियों को बचाने के लिए उनके हमले को ये हादसा बता रहे हैं। उन्होंने जनता से पूछा-पुलवामा में जो हुआ वह हादसा था क्या? ये वही नामदार परिवार के वही सिपहसालार हैं, जिनको आतंकी ओसामा बिन लादेन शांतिदूत लगता था। यही वह महाशय हैं, जिन्होंने मुंबई हमले में भी पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी थी।’
दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जब बटला हाउस एनकाउंटर हुआ था तो ऐसे ही एक रागदरबारी ने बताया था कि आतंकी की मौत पर रिमोट से सरकार चलाने वालों के आंसू नहीं रुकते थे। क्या हम ऐसी कांग्रेस से उम्मीद कर सकते है कि वह आतंक के खिलाफ कार्रवाई करेगी?’ पीएम मोदी ने आगे कहा, आज ये लोग सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल कर रहे हैं। इनकी सरकार थी तो ये लोग हर आतंकी हमले के बाद चुप बैठ जाते थे या फिर हमारे वीर जवानों की कार्रवाई पर आंसू बहाते थे। इनका असली चेहरा एक बार फिर सामने आया है।