कोरोना से बचाव के लिए रक्षा मंत्रालय के तीन संस्थान रात-दिन सैनिटाइज़र, मास्क, बॉडी सूट और वैंटीलेर बनाने में लगे हुए हैं. जो सामान जितना बन रहा हैं, उसकी सप्लाई भी की जा रही है. दिल्ली पुलिको सेनिटाइज़र और मॉस्क सप्लाई किए जा चुके हैं. एक जगह सिर्फ वैंटीलेटर ही बनाए जा रहे हैं. यह जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी.
राजनाथ सिंह ने बताया कि डीआरडीओ की लैब में सैनिटाइज़र बनाया जा रहा है. अब तक 20 हज़ार लीटर सैनिटाइज़र बनाया जा चुका है.इसमें से 10 हज़ार लीटर दिल्ली पुलिस को दिया गया है. बाकी को दूसरे अलग-अलग सरकारी संस्थानों को दिया गया है. इतना ही नहीं डीआरडीओ ने दिल्ली पुलिस को 10 हज़ार मास्क की सप्लाई भी की है.
साथ ही डीआरडीओ के दूसरे संस्थान पर्सनल प्रोटेक्शन उपकरण जैसे बॉडी सूट बनाने का काम भी कर रहे हैं. उत्पादन ज्यादा से ज्यादा हो इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है. वैसे हमारे अधिकारी और कर्मचारी रात-दिन इस काम में लगे हुए हैं. ऑर्डिनेनस फ़ैक्ट्री बोर्ड भी सैनिटाइज़र, मास्क और बॉडी सूट बना रहा है. वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स वेंटिलेटर बनाने के काम में लगा हुआ है. मीटिंग के दौरान राजनाथ सिंह ने आर्मी और एयर फोर्स की पीठ थपथपाते हुए कहा कि भारतीय सेना की तरफ से अब तक अलग.अलग क्वरिंटाईन फ़ैसिलिटी सेंटर में 1462 लोगो को रखा गया, जिमसे से 389 लोगों को क्वारिंटाइन समय के पूरा होने के बाद घर भेज दिया.
मौजूदा समय में सेना की तरफ से मानेसर, हिंडन, जैसलमेर, जोधपुर और मुम्बई में 1073 लोगों की देखरेख की जा रही है. साथ ही 960 बेड के साथ अन्य क्वारिंटाईन फ़ैसिलिटी सेंटर को स्टैंड बाए पर रखा गया है.