रांची। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले ने अब नया रूप ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है। मरांडी ने राज्य की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ACB भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है।
मरांडी ने पत्र में बताया कि यह घोटाला पहले 38 करोड़ रुपये का आंका गया था, लेकिन अब यह 750 करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है। उन्होंने 2022 की उत्पाद नीति में बदलाव को इस सुनियोजित लूट की जड़ बताया। मामले के मुख्य आरोपी IAS विनय कुमार चौबे सहित 17 में से 14 आरोपियों को अदालत से डिफॉल्ट बेल मिल गई है। इसकी वजह यह है कि ACB BNSS की धारा 187(2) के तहत निर्धारित 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जबकि 8 महीने बीत चुके हैं।
बाबूलाल मरांडी ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया का भी जिक्र किया, जो ट्रांजिट बेल मिलने के बाद फरार हो गया और ACB उसे पकड़ने में नाकाम रही। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि ACB को तुरंत चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया जाए और इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाए। मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के संरक्षण में इस घोटाले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।

