जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिला न्यायालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब कोर्ट को ड्रोन बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल प्राप्त हुआ। यह धमकी कथित तौर पर तमिलनाडु के एक संगठन के नाम से भेजी गई बताई जा रही है। ईमेल की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई।
धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। एहतियात के तौर पर जामताड़ा सिविल कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर दी गई और पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कोर्ट में आने-जाने वाले सभी लोगों की सघन जांच की जा रही है और बिना जांच के किसी को भी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) नीतीश कुमार सांगा ने स्वयं कोर्ट परिसर और अधिवक्ता भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान हेडक्वार्टर डीएसपी संजय कुमार सिंह और जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो भी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे परिसर का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
सुरक्षा के मद्देनजर डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने कोर्ट परिसर के सभी कमरों, गलियारों और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की। संदिग्ध स्थानों की भी गहन तलाशी ली गई, ताकि किसी भी तरह की खतरनाक या संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। हालांकि तलाशी के दौरान फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
फिलहाल कोर्ट परिसर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। इसके बावजूद प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढील नहीं देना चाहता। कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी लगातार जारी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

