कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट आवास से राज्य की 294 में से 291 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। इस बार की सूची में सबसे बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री की सीट को लेकर है।
भवानीपुर में होगा ‘महासंग्राम’: सुवेंदु बनाम ममता
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी इस बार नंदीग्राम के बजाय अपनी पुरानी और पारंपरिक सीट कोलकाता के भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर से मैदान में उतारा है, जिससे यहाँ मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल हो गया है। 2021 में ममता को नंदीग्राम में सुवेंदु से करीबी हार मिली थी, लेकिन बाद में उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर अपनी सत्ता बचाई थी।
सामाजिक संतुलन और युवा चेहरों पर दांव
टीएमसी की इस सूची में ममता बनर्जी ने ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर विशेष ध्यान दिया है। पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ भारी संख्या में नए और युवा चेहरों को मौका दिया है:
52 महिलाएं चुनावी मैदान में उतारी गई हैं।
47 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट मिला है।
78 अनुसूचित जाति (SC) और 17 अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रत्याशी शामिल हैं।
दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की 3 सीटें सहयोगी दल (अनित थापा की पार्टी) के लिए छोड़ी गई हैं।
कई मंत्रियों और दिग्गजों के कटे टिकट
सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) को कम करने के लिए ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के टिकट काट दिए हैं। पूर्व क्रिकेटर और मंत्री मनोज तिवारी का नाम इस बार लिस्ट से गायब है। पार्टी ने कई सीटों पर उम्मीदवारों के निर्वाचन क्षेत्र भी बदल दिए हैं ताकि जीत की संभावनाओं को प्रबल किया जा सके।

