एजेंसी
कोलंबो। श्रीलंका में हुए धमाकों के बाद पुलिस ने 106 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इसमें एक तमिल माध्यम का अध्यापक और एक स्कूल का प्रधानाचार्य भी शामिल है। इन सभी को बीते रविवार को इस्टर के मौक पर हुए आत्मघाती हमलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। इस्लामिक स्टेट ने दावा किया है कि जिन तीन आतंकियों ने खुद को पुलिस की छापेमारी के दौरान उड़ा लिया था, वे उसके सदस्य थे। इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गयी थी। इसके बाद से देश में इमरजेंसी लागू कर दिया गया है और सुरक्षाबल लगातार संदिग्धों को पकड़ने के लिए छापामारी कर रहे हैं।
संदिग्धों में तमिल टीचर और प्रधानाचार्य भी शामिल
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जिन 106 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, उनमें 40 साल का तमिल माध्यम का अध्यापक शामिल है। उसके पास से 50 सिम कार्ड और संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। उसे नौसेना और कलपिटिया पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़ा गया है। सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान में 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। एक संदिग्ध विद्यालय का प्रधानाचार्य है। संदिग्धों में एक डॉक्टर भी शामिल है, जिसने प्रशिक्षक के तौर पर काम किया है।
आइएस ने जारी की दो आतंकियों की तस्वीर
आइएस ने अपने मुखपत्र अल-अमाक न्यूज में दावा किया है कि हमले में मारे गये लोग पुलिस अधिकारी थे। उसने दो आतंकियों की तस्वीर जारी की है। उसने दावा किया है कि ये दोनों आत्मघाती हमलों में शामिल थे।
इधर बट्टीकलोआ में पुलिस को छापेमारी के दौरान इस्लामिक स्टेट के झंडे, सैन्य वर्दी, आत्मघाती जैकेट, 150 जिलेटिन की छड़ें, हजारों स्टील पैलेट और ड्रोन कैमरे मिले हैं।
आतंकी की बहन ने कहा, अच्छा हुआ वह मर गया
हाशिम की 26 साल की बहन मधानिया ने कहा, मैंने उससे (जहरान) तब से बात नहीं की, जब से उसने अपने भाषणों में जहर उगलना शुरू किया। वह उग्र इस्लामी था। वह अपने टीनेज के दिनों से ही ऐसी बैठकों में शामिल होता था। उसने भगवान को खो दिया, क्योंकि उसने गलत लोगों से हदीस सीखा, उसने लोगों को मारना सीखा। मैं कह सकती हूं कि मैं खुश हूं कि वह अब नहीं रहा।

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