जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित होटल अलकोर में हुए कथित वेश्यावृति के खुलासे और नौ लोगों को जेल भेजने के बाद इसकी तफ्तीश तेज हो गयी है. इस पूरे प्रकरण में कोलकाता की पकड़ी गयी लड़की का स्वीकारोक्ति बयान जमशेदपुर से चल रहे हवाला कारोबार का भी खुलासा करता है.
कोलकाता के ग्रीस पार्क की रहने वाली 24 साल की उक्त लड़की ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि वह अपने पिता, मां और एक बहन के साथ मुंबई में अपनी परिवार के साथ रहती थी. उसका भाई के देहांत के बाद वह 2013 में अपने परिवार के साथ कोलकाता में रहने लगी थी. उसने मुंबई में सिर्फ सातवीं तक की पढ़ाई की है. उसके बाद पढ़ाई छोड़ दी. उसके पिता कपड़े का बिजनेस करते है. उसकी मां हाउस वाइफ है. वह खुद को कुछ नहीं करने वाला बताया और बताया कि वह ब्यूटी कोर्स का शौक रखती थी. 22 मार्च को उसने कोलकाता से जमशेदपुर शरद पोद्दार (अलकोर मामले में जेल में बंद) के किसी दोस्त के जन्मदिन पार्टी में बुलाने पर आयी थी. शरद पोद्दार ने ही गाड़ी बुक कराकर उसको दिया था. उसने बताया है कि उस दिन आते वक्त बीच बीच में गाड़ी की चेकिंग भी हुई थी तो शरद पोद्दार ने किसी से फोन के माध्यम से संपर्क कर गाड़ी को पास कराया था और शार्ट कट रास्ते से जमशेदपुर के होटल अलकोर बिष्टुपुर लेकर आया था. उसको होटल के रुम नंबर 402 में रखा गया था.
22 मार्च को शरद पोद्दार और वह लड़की शाम के वक्त साथ में खाना खाया. होटल भी शरद पोद्दार ने ही बुक कराया था. लॉकडाउन के दौरान वह होटल में ही ठहरी थी. शरद पोद्दार उससे रोज मिलने आता था और सारी जरूरतों का सामान ले आता था. इस बीच शरद के एक दोस्त राहुल अग्रवाल से भी उसने मुलाकात की थी. कभी-कभी ये भी सामान पहुंचाने आते थे. राहुल अग्रवाल एक ट्रैवल एजेंट है. शरद पोद्दार को लड़की 13 माह से जानती थी. वह उसकी सारी जरूरतों को पूरा करता था और अब तक उससे करीब पांच से छह लाख रुपये ले चुकी है. शरद उसको पैसे नगद (कैश) के रुप में देता था. कैश 10 रुपये के नोट के नंबर से शरद पोद्दार लड़की को देता था. वह 10 रुपये का सीरियल नंबर भेजती थी, तब उसका कोई आदमी पैसे लेकर उसको देने आता था और देता था, वहीं सीरियल नंबर का नोट को दे देती थी, इससे कंफर्म हो जाता था कि पैसे उसको मिल गया है. शरद पोद्दार को उसने अपना ब्याय फ्रेंड बताया है और उसके साथ उसका पति-पत्नी का रिश्ता था. लॉकडाउन के कारण वह कोलकाता वापस नहीं जा पायी और न ही उसके द्वारा होटल में ठहराने की सूचना प्रशासन को दी गयी और न ही होटल प्रबंधन द्वारा इसकी सूचना प्रशासन को दी गयी. उसने बताया है कि करीब एक साल पहले शरद पोद्दार से वह मिलने आयी थी और होटल रामाडा में शरद पोद्दार के द्वारा ठहराया गया था. शरद का घर जमशेदपुर सीएच एरिया में है. उसके पास तीन मोबाइल नंबर है, जिसमें से एक मोबाइल नंबर शरद पोद्दार द्वारा दिया गया है और दो उसने खुद से खरीदा है. उसने बताया कि लॉकडाउन के दौरान प्रशासन को बिना सूचना दिये होटल अलकोर में ठहरी थी. इसी दौरान 26 अप्रैल को पुलिस द्वारा होटल अलकोर में छापमारी की गयी, जिसमें रुम नंबर 402 में पुलिस को वह मिली, जिसके पास से तीन मोबाइल और शरद पोद्दार द्वारा दिया गया 13 हजार रुपये और पुलिस द्वारा उसको पकड़कर महिला थाना ले आया गया. वैसे सीसीआर डीएसपी अरविंद कुमार द्वारा दायर किये गये एफआइआर में यह कहका गया है कि पकड़ी गयी लड़की के साथ शरद पोद्दार के शारीरिक संबंध थे और वह सीसीटीवी फुटेज में हर दिन होटल में आता दिखा है. उसके पास से मोबाइल का फोटो मिला, जिसमें 10 रुपये, 50 रुपये और सौ रुपये का नोट का फोटो है. यह सांकेतिक भाषा था, जिसके जरिये 1 केजी यानी एक लाख, 2 केजी मतलब दो लाख और एक अंगुठी, जो वह खुद अंगुली में पहनती है, उसको भेजती थी. पुलिस ने जांच में पाया है कि जुगसलाई मेन रोड निवासी राहुल अग्रवाल के पास बहुत सारी लड़कियों का संपर्क नंबर है और होटल बुक कराने के साथ-साथ लड़की का भी सप्लाइ करता था. लड़की के इस स्वीकारोक्ति बयान के बाद यह साबित हो रहा है कि हवाला के जरिये जमशेदपुर से पैसा का लेन देन किया गया है, जिसमें खुद शरद पोद्दार की संलिप्तता है. वैसे इस तरह के मामले में शरद पोद्दार पहले भी जेल जा चुका है. अब देखना है कि जमशेदपुर पुलिस इस मामले को प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के पास भेजती है कि नहीं क्योंकि यह मामला मनी लांड्रिंग का बनता है और एक सातवीं पास लड़की को हवाला के जरिये पैसे कैसे जा रहा था और फिर वह लड़की उस पैसे का क्या करता था. इस पूरे प्रकरण की जांच की जरूरत है, जिसके बाद कारोबार का नया खेल का भी खुलासा हो सकता है.