जम्मू-कश्मीर  में कार्य करने वाली एक महिला फोटा पत्रकार पर कथित रूप से ‘युवाओं को भड़काने’ व शांति भग करने की मंशा से सोशल मीडिया पर देश विरोधी सामग्री साझा करने के आरोप में मुद्दा दर्ज किया गया है।

पुलिस के एक वरिष्ठ ऑफिसर ने कहा, ‘मोर्सरत जहरा के विरूद्ध युवाओं को भड़काने व शांति खत्म करने की मंशा से राष्ट्रीय विरोधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में मुद्दा दर्ज किया गया है। ’

पुलिस ने हालांकि फोटो पत्रकार के विरूद्ध मुद्दा दर्ज करने व एक दैनिक खबर लेटर के लिए कार्य करने वाले वरिष्ठ पत्रकार पीरजादा आशिक को तलब करने के विषय में कोई अलावा जानकारी नहीं दी।

आशिक को एक समाचार के विषय में अपना पक्ष रखने के लिए रविवार को छह घंटे के भीतर कश्मीर के दो जिलों में पुलिस ने तलब किया गया था। इस कार्रवाई के बाद कई प्रेस संगठनों व पत्रकारों ने इसकी सोशल मीडिया पर निंदा की है।

पुलिस ने एक अलग मुद्दे में ‘एक राष्ट्रीय खबर लेटर में प्रकाशित समाचार’ से संबंधित एक ‘ओपन एफआईआर’ दर्ज की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि यह ‘फर्जी समाचार’ था।

फोटोग्राफर के विरूद्ध मुद्दे में पुलिस ने दावा किया कि श्रीनगर में साइबर पुलिस स्टेशन ने 18 अप्रैल को ‘विश्वसनीय स्रोतों के माध्यम से जानकारी प्राप्त की कि एक फेसबुक यूजर यानी मोसर्रत जाहरा अक्सर आपराधिक इरादे से देश विरोधी पोस्ट अपलोड कर रही हैं। ‘

रिपोर्ट के अनुसार एक बयान में बोला गया है कि ‘पोस्ट जम्मू और कश्मीर की जनता को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का महिमामंडन करने के अतिरिक्त कानून व व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए उकसा सकता है, इस विषय में कानून के संबंधित प्रावधान के तहत एफआईआर नंबर 10/2020 साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी व जाँच की गई। ‘ पुलिस ने UAPA के तहत मुद्दा दर्ज किया है।

वहीं जाहरा का बोलना है कि उन्होंने अपने काम से जुड़े लिंक अपने सोशल मीडिया एकाउंट ्स पर पोस्ट किए हैं। उन्होंने कहा- ‘मैं इन आरोपों को देख कर दंग हूँ

 

 

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