आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। भारत में कोरोना की दूसरी लहर 15 मई तक अपने चरम (पीक) पर होगी। इस दौरान हर दिन 56 सौ लोगों की मौत हो सकती है और संक्रमितों की संख्या हर दिन पांच लाख तक पहुंच सकती है। यह चेतावनी डब्ल्यूएचओ और अमेरिका में हुए अध्ययन में दी गयी है। इसमें कहा गया है कि अगस्त तक कोरोना से मरनेवालों की संख्या तीन लाख के पार तक पहुंच जायेगी। देश में 23 अप्रैल तक एक लाख 89 हजार 544 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है। देश में 24 अप्रैल को कोरोना वायरस के पिछले 24 घंटे में तीन लाख 46 हजार 786 नये मामले सामने आये हैं और 2624 लोगों की मौत हुई है। देश में पॉजिटिव मामलों की संख्या एक करोड़ 66 लाख 10 हजार 481 हो गयी है। इसमें एक्टिव केसों की संख्या 25 लाख 52 हजार 940 है। डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या एक करोड़ 38 लाख 67 हजार 997 है।
क्या कहा है शोधकर्ताओं ने : डब्ल्यूएचओ ने वाशिंगटन विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मीट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आइएचएमइ) द्वारा 15 अप्रैल को जारी ‘कोविड-19 प्रोजेक्शन’ नाम से किये गये अध्ययन के हवाले से कहा कि भारत में अगर कोरोना वायरस की स्थिति को नियंत्रित करना है, तो राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान चलाना होगा। यही एकमात्र रास्ता है। अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना माहामारी का यह दौर आने वाले दिनों में और भी ज्यादा खतरनाक होने वाला है। अध्ययन में कहा गया है कि मई मध्य में भारत में कोरोना अपने पीक पर होगा।
अध्ययन में दावा किया गया है कि अप्रैल के तीसरे सप्ताह के अंत तक अगर भारत में हर कोई सही तरीके से मास्क पहनता है, तो मौत के इस आंकड़े को 70 हजार तक कम किया जा सकता है।
आइआइटी के वैज्ञानिकों ने भी खतरनाक बताया
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के वैज्ञानिकों ने बताया है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक 11 से 15 मई के बीच आयेगा। यह निष्कर्ष उन्होंने अपने गणितीय मॉडल के आधार पर निकाला है। उनका कहना है कि उस समय देश में इलाजरत मरीजों की संख्या 33 से 35 लाख तक पहुंच सकती है और इसके बाद मई के अंत तक मामलों में तेजी से कमी आयेगी। आइआइटी कानपुर और हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने एप्लाइड 10 ससेक्टिबल, अनडिटेक्टेड, टेस्टेड (पॉजिटिव) एंड रिमूव एप्रोच (सूत्र) मॉडल के आधार पर अनुमान लगाया है कि मामलों में कमी आने से पहले मध्य मई तक उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 10 लाख तक की वृद्धि हो सकती है। उनका कहना है कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और तेलंगाना नये मामलों के संदर्भ में 25 से 30 अप्रैल के बीच नयी ऊंचाई छू सकते हैं, जबकि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ संभवत: पहले ही नये मामलों के संदर्भ में चरम पर पहुंच गये हैं।