आजाद सिपाही संवाददाता
नी दिल्ली। आप किसी काम में लगे होते हैं, तभी आपके वॉट्सएप पर एक आॅनलाइन गेम का लिंक आता है या आपके मोबाइल पर किसी रियल इस्टेट कंपनी का घर खरीदने के लिए मैसेज आता है। आम तौर पर आप उसे इग्नोर कर देते हैं, लेकिन ऐसे मैसेज और वॉट्सऐप अगर बंद नहीं होते और लगातार बढ़ते जाते हैं, तो ऐसा हो सकता है कि आप भी उन 53.3 करोड़ फेसबुक यूजर्स में शामिल हों, जिनका डेटा लीक हुआ है। दुनिया के 106 देशों में रहने वाले फेसबुक के 53.3 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक हो गया है। इस बात की जानकारी साइबर सुरक्षा कंपनी हडसन रॉक के सह-संस्थापक और सीइओ एलन गाल ने ट्वीट कर दी। उन्होंने बताया कि डेटा लीक के दौरान चोरी किये गये मोबाइल नंबर टेलीग्राम बॉट के जरिए मुफ्त में बेचे जा रहे हैं।
भारत के भी 61.5 लाख लोग ऐसे हैं, जिनका डेटा लीक हुआ है। पहले लीक हुए डेटा के मुकाबले इस बार लीक डेटा इसलिए खतरनाक है, क्योंकि इसमें यूजर्स के नाम, ईमेल आइडी, फेसबुक आइडी के साथ ही मोबाइल नंबर, घर का पता, जन्मतिथि, वर्कप्लेस की जानकारी और अकाउंट बनाने की तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी डेटा चोरों को मिल गयी हैं। हालांकि इस डेटा में लोगों की वित्तीय जानकारियां और पासवर्ड वगैरह शामिल नहीं हैं।
ऐसे लीक हुआ डेटा?
यह डेटा बॉट (एक कंप्यूटराइज्ड रोबोट) की मदद से लीक किया गया, जिसने फेसबुक की सुरक्षा कमी का फायदा उठाते हुए सभी लोगों की प्रोफाइल से जुड़े मोबाइल नंबर और दूसरी जानकारियां हासिल कर लीं। चोरी हुए डेटा में अमेरिका के रिकॉर्ड 3.2 करोड़ लोगों और ब्रिटेन के 1.15 करोड़ लोगों का डेटा भी शामिल है। लोगों की पर्सनल इन्फॉर्मेशन वाला यह फेसबुक डेटा सबसे पहले डार्कनेट पर डाला गया। यह इंटरनेट का वह हिस्सा है, जिस तक गूगल, बिंग और सफारी जैसे सामान्य ब्राउजर से नहीं पहुंचा जा सकता।
डेटा लीक नहीं हुआ, स्क्रैप किया गया : फेसबुक
फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजमेंट डायरेक्टर माइक क्लार्क ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि डेटा को उसका सिस्टम हैक करके नहीं चुराया गया है, बल्कि इसे फेसबुक से स्क्रैप किया गया है। इस ब्लॉग पोस्ट में यह भी कहा गया कि स्क्रैपिंग एक चालाकी भरा तरीका होता है, जिसमें आॅटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए इंटरनेट पर मौजूद जानकारी को निकाला जाता है। यह प्रक्रिया गैरकानूनी है।
डेटा लीक दो साल पुरानी बात तो अब बवाल क्यों?
फेसबुक ने खुद डेटा लीक की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की है। साथ ही कहा है कि डेटा दो साल पुराना है। यह सही बात है कि लीक फेसबुक डेटा लंबे समय से डार्कनेट पर मौजूद था, लेकिन अगर कोई इसे खरीदना चाहता था तो उसे मोटी फीस चुकानी होती थी। अब यह डेटा लीक इसलिए बहुत खतरनाक हो गया है, क्योंकि एक हैकर ने पर्सनल जानकारियों वाले 53.3 करोड़ लोगों के डेटा को डार्कनेट पर फ्री में सबके लिए पोस्ट कर दिया है। यानी अब अपराधियों और आतंकियों के लिए 53.3 करोड़ लोगों का यह डेटा मुफ्त में उपलब्ध है।