6 जनवरी को जब घड़ी में 11.10 बज रहे थे तो सफाईकर्मी मनीष कुमार को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई थी. भारत के वे पहले व्यक्ति थे जिनको कोरोना वैक्सीन दी गई. दिल्ली के एम्स में कार्यरत मनीष कुमार ने ऐसा करके दूसरों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया. लगभग तीन महीने के बाद कुमार ने हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन की दूसरी डोज ली. इन तीन महीनों के अंतराल और उसके बाद भी वे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं.
मनीष कुमार बिना मास्क के घर के बाहर नहीं निकलते हैं. जहां भी जाते हैं, मास्क उनके चेहरे पर नजर आती है. वे अपने हाथों को लगातार धोते रहते हैं. जब वे बाहर निकलते हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं. कुमार कहते हैं कि वैक्सीन शक्तिमान नहीं है. आप वैक्सीन लेकर मास्क पहनना बंद नहीं कर सकते या इधर-उधर बिना काम के घूम नहीं सकते हैं. लेकिन यदि आपने वैक्सीन ले ली है तो कोरोना संक्रमित होने का डर थोड़ा कम हो जाता है.
आउटर दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले मनीष कुमार आठ साल से स्वच्छता मशीन ऑपरेटर एम्स में कार्यरत हैं. कुमार की मां लक्ष्मी रानी भी अस्पताल में स्वच्छता कार्यकर्ता हैं. उनको भी वैक्सीन दी गई है. अब वो दूसरों को जागरुक कर रहीं हैं. वह अपने भाई ब्रजेश को कोरोना वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित कर रहीं हैं जो भ इंडिगो में कार्यरत हैं.
इससे पहले लक्ष्मी के मन में वैक्सीनेशन को लेकर डर था. वह अपने बेटे मनीष को भी वैक्सीन लेने से रोक रहीं थीं हालांकि वे नहीं माने और देश के पहले वैक्सीन लेने वाले शख्स बनें.
देश में कोरोना विस्फोट
इस बीच आपको बता दें कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,52,879 नए मामले सामने आने के बाद अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,33,58,805 हो गई है, जिनमें से 839 और लोगों की मौत हो जाने के कारण मृतक संख्या बढ़कर 1,69,275 हो गई है. देश में वर्तमान में 11,08,087 संक्रमित लोग इलाज करा रहे हैं, जबकि 1,20,81,443 लोग संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं.