बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि यह सोची समझी साजिश है। साजिश के तहत अभय सिंह को फंसाया गया है। राज्य में तुष्टीकरण की राजनीति ने एंटी सोशल एलिमेंट्स के लोगों को बढ़ावा दे रखा है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीनगर में बीते दिनों हुए विवाद में एक पक्ष ने पत्थरबाजी की घटना को अंजाम दिया था। इसमें कई लोग घायल हुए थे। पत्थरबाजी की घटना में प्रशासन के लोग भी घायल हुए थे। मामले में थाने में जो एफआइआर दर्ज की गयी है, उसमें साफ तौर पर घटना का जिक्र किया गया है। कहीं भी अभय सिंह का नाम नहीं है। अभय सिंह के अलावा जेल में बंद कई लोग घटनास्थल पर नहीं थे। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़ा हो रहा है। जमशेदपुर प्रशासन पूरी तरह से विफल है। सोची समझी साजिश के तहत अभय सिंह को फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में इस तरह के माहौल बन रहे हैं, घटनाएं घट रही हैं। तुष्टिकरण की राजनीति को एंटी सोशल एलिमेंट्स के लोगों को बढ़ावा दे रखा है। इस मामले में प्रदेश भाजापा का प्रतिनिधिमंडल महामहिम से मिलेगा।