Ranchi झारखंड कांग्रेस में प्रदेश कमिटी के अलावा एक बरामदा कमिटी भी है. यह बरामदा कमिटी पार्टी के हर दिन के क्रियाकलापों का बारीकी से विश्लेषण करती है. सोमवार को मंत्री बन्ना गुप्ता के वायरल वीडियो पर बरामदा कमिटी में तरह-तरह की चर्चा हो रही थी, लेकिन मुख्य रूप से अभी कांग्रेस में बोर्ड निगम का मामला जबरदस्त तरीके से चर्चा में है कांग्रेस पार्टी की तरफ से 11 लोगों का नाम मुख्यमंत्री के पास बोर्ड निगम में शामिल करने के लिए भेजा गया है, जिसमें रविन्द्र सिंह, रमा खलखो, शमशेर आलम, राजीव रंजन प्रसाद, अशोक चौधरी, जयशंकर पाठक, श्यामल किशोर सिंह, केशव महतो कमलेश, अभिलाष साहू, शशिभूषण राय और संजय ताल पासवान का नाम है, पिछले कई दिनों से कांग्रेस की बरामदा कमिटी में इसको लेकर कई तरह की चर्चा का बाजार गर्म है जो नाम भेजे गए हैं उनमें आधे से ज्यादा पुराने कांग्रेसी है और कुछ 2008 के बाद कांग्रेस में आये हैं, बरामदा कमिटी में चर्चा यह है कि बोर्ड निगम में भी वैसे लोगों को जगह मिल रही है जो पार्टी के बड़े नेताओं की दरबारी करते हैं. यह कहा जा रहा था कि उन्ही लोगों को जगह मिल रही है जो विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तो अजय और प्रदीप बतमु, राज्यसभा सांसद धीरज साहू, बंधु तिर्की के करीबी है जो बातें बरामदा कमिटी की चर्चा में सामने आ रही थी तो यह था कि बोर्ड निगम के गठन होते ही कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर घमासान तय है।
मई के प्रथम सप्ताह में हो सकता है बोर्ड निगम का गठन होते ही कांग्रेस पार्टी में 1 बार फिर घमासान तय है।
जानकारी के अनुसार हेमन्त सरकार मई महीने के प्रथम सप्ताह में खाली पड़े बोर्ड निगमों का गठन कर दे. बताया जा रहा है कि बोर्ड निगम में कांग्रेस कोटे में 8 और झामुमो कोटे से 10 बोर्ड निगम जाएगा. कांग्रेस पार्टी ने अपनी सूची मुख्यमंत्री को सौंप दी है. झामुमो के भीतर ही नाम फाइनल करने में देरी हो रही है. बोर्ड निगम के गठन को लेकर कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकर और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरन के बीच फाइनल बातचीत हो चुकी है. अब मुख्यमंत्री के स्तर से अंतिम निर्णय लिया जाना है, उम्मीद है कि इसी सप्ताह के अंत तक सूची को फाइनल कर लिया जाएगा और मई के प्रथम सप्ताह में घोषणा कर दी जाय जानकारी के अनुसार फिलहाल इस सूची में 15-20 बोर्ड निगम और आयोग को शामिल किया गया है।