पूर्वी चंपारण। जिले के मधुबन प्रखंड के पकड़िया गांव के समीप एनएच 227 के किनारे भारी मात्रा में फेकी गयी सरकारी जीवन रक्षक दवाइयां देखे जाने के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमा में हडकंप मचा हुआ है।
फेंका हुआ दवा को देखे जाने के बाद स्थानीय लोगो की सूचना पर मौके पर पहुंचे मधुबन सीएचसी प्रभारी ने उक्त दवा को जब्त कर लिया है।बताया जा रहा है,कि फेंकी गयी इन दवाइयों में बड़ी मात्रा बिना एक्सपायर दवा भी शामिल है। जबकि थोडी मात्रा में एक्सपायर दवा भी है। हालांकि इस वाकया के बाद चर्चाओ का बाजार गर्म है। वही इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी वायरल हो रहा है,जिसमे लोग यह पूछ रहे है,कि लोगो को स्वास्थ्य केन्द्र में दवा उपलब्ध नही होने की नसीहत देकर बाहर से महंगी दवा खरीदने को मजबूर किया जा रहा है,वही कही सड़को पर दवा फेका जा रहा है,तो कही दवा जलाया जा रहा है।
लोग यह भी पूछ रहे है,कि आखिर इतनी मात्रा में दवा फेकने का जिम्मेदार कौन है? वही इस बाबत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ इंद्रजीत कुमार ने बताया कि जांच के लिये एक टीम का गठन किया गया है।साथ ही दवा के स्टाक की जांच की जा रही है। इसके साथ ही फेंकी गयी दवा का बैच नंबर को मिलाया जायेगा।जिससे यह स्पष्ट हो जायेगा कि क्या फेंकी गयी मधुबन सीएचसी को आपूर्ति की गयी थी या कही और से दवा लाकर मधुबन से तीन किलोमीटर दूर लाकर दवा फेकी गयी है। उन्होने कहा कि जांच के दौरान में जिनकी भी संलिप्तता पायी जायेगी।उनके उपर कठोर वैसे कार्रवाई की जायेगी। बहरहाल जांच टीम के नतीजे क्या होगा।यह तो देखने वाली बात होगी।फिलहाल अरेराज में सरकारी दवा जलाये जाने के बाद मधुबन में सड़क किनारे दवा फेके जाने का मामला सामने आने के बाद जिले का स्वास्थ्य महकमा कठघरे में खड़ा नजर आ रहा है।