पटना। बिहार में एनडीए सरकार के गठन को लेकर चल रही कवायद पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘सरकार ही सरकार’ बदलकर नई सरकार बनाई जा रही है। नई सरकार तो बिहार में बनेगी, लेकिन उसका संचालन गुजरात से होगा, क्योंकि रिमोट कंट्रोल वहीं है। पीएम मोदी और अमित शाह का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि गुजरात ही तय कर रहा है कि बिहार में किसकी सरकार चलेगी और कैसे काम होंगे।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए गठबंधन में जदयू या नीतीश कुमार की राय का कोई महत्व नहीं है। असली निर्णय तो बीजेपी और आरएसएस के एजेंट लेते हैं, जो मुकदमों से छुटकारा, मंत्रिपद या ठेकेदारी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय ही चेताया था कि नीतीश कुमार ज्यादा समय मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। अब सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा नीतीश के आवास का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन दो महीने बाद यही लोग उन्हें नहीं पूछेंगे।
तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर जाते-जाते खजाना खाली करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार प्रति व्यक्ति आय और निवेश में सबसे पीछे है। 20 साल के शासन में न तो एक इंडस्ट्री लगी, न अच्छी यूनिवर्सिटी बनी, न ही बेहतर अस्पताल। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार हर क्षेत्र में राज्य बुरी तरह पिछड़ा है। उन्होंने कहा कि आज जेडीयू और बीजेपी दफ्तरों से ‘नीतीश’ लिखे पोस्टर हटाए जा रहे हैं – इसमें हैरानी वाली कोई बात नहीं, क्योंकि चुनाव के समय ही तय था कि उन्हें हटाया जाएगा।

