रांची। नोएडा के सेक्टर-63 में 13 अप्रैल को हुई हिंसक घटना की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में झारखंड से जुड़े दो युवकों की सक्रिय भूमिका सामने आई है। एक आरोपी हजारीबाग का निवासी है, तो दूसरा जमशेदपुर का। दोनों पर पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर सोशल मीडिया के जरिए माहौल भड़काने और भीड़ जुटाने का आरोप है।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आरोपियों ने मजदूरों को भड़काने के लिए अलग-अलग मैसेजिंग ग्रुप बनाए। वेतन वृद्धि के नाम पर भड़काऊ संदेश और अफवाहें फैलाकर लोगों को इकट्ठा किया गया। तकनीकी जांच में कई सोशल मीडिया अकाउंट की विदेशी लोकेशन मिली है, जिनसे हिंसा के दौरान गलत आंकड़े और भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई।
जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों की योजना प्रमुख मार्गों पर जाम लगाकर औद्योगिक गतिविधियों को ठप करने की थी। मुख्य आरोपी अभी फरार है, उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हर संदेश पर पैनी नजर रखी जा रही है। मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

