दिल्ली: केंद्र की सत्ता में हुए मोदी सरकार को तीन साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे नरेन्द्र मोदी द्वारा आम चुनाव समय देश की जनता से किया गया महत्वपूर्ण वादा भी पूरा करने का समय आ गया है। चुनाव के दौरान मोदी ने देश की जनता से एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने की बात कही थी। जोकि अब पूरा करने का समय आ गया है। आपको बतादें कि अब आपके लिए यह खुशखबरी है, सरकार विभिन्न क्षेत्रों एक करोड़ नौकरियां निकाल रही है, तो हो जाइये तैयार, क्योंकि अब आप बेरोजगार नहीं रहने वाले हैं।

2014 में चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने युवाओं को 1 करोड़ रोजगार के अवसर देने का वादा किया था। हालांकि, बीते तीन सालों में जॉब क्रिएशन में मोदी सरकार का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट को भेजे जाने वाले सभी प्रस्तावों में यह जानकारी जरूर दी जाए कि उन प्रस्तावों पर अमल करने से रोजगार के कितने मौके बनेंगे।

केंद्र सरकार में वाणिज्यक मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक कार्यक्रम में जानकारी साझा करते हुए कहा कि जिस भी प्रस्ताव के साथ कुछ खर्च जुड़ा होगा, उससे देश में जॉब क्रिएशन होना ही चाहिए और ऐसे प्रस्ताव के साथ जॉब्स एस्टिमेट दिया जाना चाहिए। सीतारमण ने बताया कि जब भी कोई प्रस्ताव चर्चा के लिए आता है तो प्रधानमंत्री कैबिनेट मीटिंग में पूछते हैं कि इससे रोजगार के कितने मौके बनेंगे?’

सरकार रोजगार देने के लिए कर रही है बड़े प्रयास

सरकार ज्यादा रोजगार पैदा करना चाहती है जिससे बेरोजगारी की दर घटे साथ ही आमदनी बढ़े और लाखों लोग गरीबी के जंजाल से बाहर निकल सकें। सरकार अपनी मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी की समीक्षा भी कर रही है ताकि उसे जॉब क्रिएशन के उद्देश्य के मुताबिक बदला जा सके। वहीं, कौशल बढ़ाने के कार्यक्रम को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि नौकरियों की तलाश में निकलने वाले लोग नई जॉब्स के लिए पहले से तैयार होंगे। कौशल क्षेत्र में सरकार बड़े पैमाने पर कार्यक्रम चला रही है। इसमें मुफ्त में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसके बाद युवा स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें। इसके अलावा सरकार रोजगार के लिए कर्ज देने के लिए भी बहुत सी योजनायें लेकर आई है।

नीति आयोग को अहम जिम्मेदारी

जीडीपी वृद्धि के साथ ही रोजगार के मौके प्रदान करने के लिए नीति आयोग को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। नीति आयोग पिछले काफी समय से विभिन्न सेक्टरों में जॉब क्रिएशन के कदम उठा रहा है। मोदी ने भी यही कहा था हमारा देश युवाओं का है। आबादी में 65 प्रतिशत हिस्सा युवाओं का है। भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र है। जिसमें सबसे ज्यादा आबादी युवाओं की है।

ज्ञात हो कि कन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के अनुसार, फाइनैंशल इयर 2012 से 2016 के बीच भारत में रोजगार के 1.46 करोड़ मौके बने थे। यानी हर साल 36.5 लाख अवसर। कामकाजी उम्र वाले लोगों की संख्या में 8.41 करोड़ का इजाफा हुआ, लेकिन वास्तिक लेबर फोर्स में बढ़ोतरी केवल 2.01 करोड़ रही। जिससे रोजगार के उतने अवसर नहीं प्रदान कराये जा सके जितनी की उम्मीद थी। वहीँ अब तीन साल बीत जाने के बाद सरकार मुख्य रूप से इसी ओर ध्यान दे रही है।

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