नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह तय किया कि 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले के एक मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ की दलील स्वीकार करते हुए कहा कि चारा घोटाले में हर केस का अलग से ट्रायल होगा। लालू प्रसाद के साथ ही जगन्नाथ मिश्रा और पूर्व नौकरशाह सजल चक्रवर्ती पर भी मुकदमा चलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को जल्द सुनवाई पूरी करने को कहा है और 9 महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया है।
यह मामला 1990 के दशक का है, उस समय चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के लिए लालू प्रसाद सहित अनेक अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर 20 अप्रैल को ही बहस पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। विदित हो कि झारखंड हाई कोर्ट ने चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के खिलाफ चलाये जा रहे मामले को समाप्त कर दिया था, जबकि सीबीआइ ने दावा किया था कि अन्य अधिकारियों के साथ-साथ लालू प्रसाद भी परोक्ष रूप से अवैध निकासी में संलिप्त थे।
सीबीआइ ने उन पर षडयंत्र करने का आरोप लगाया था। उल्लेखनीय है कि फर्जी कागजात प्रस्तुत कर चाईबासा कोषागार से लाखों रुपये की अवैध निकासी कर ली गयी थी। झारखंड हाई कोर्ट द्वारा लालू को क्लीन चिट दे देने के बाद सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की थी, जिस पर फैसला सुरक्षित रखा गया था।
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