रांची: नगर निगम आयुक्त प्रशांत कुमार ने कहा है कि नगर निगम क्षेत्र में अगर पांच अप्रैल 2016 से पहले किसी ने मकान का निर्माण कराया है। अगर उस मकान का नक्शा नगर निगम से पास नहीं है, तो वह अपने मकान का नक्शा पास करने के लिए नगर निगम में आवेदन दे सकता है। ऐसे मकानों के नक्शा पास करने के लिए नगर निगम ने शहरवासियों को एक मौका दिया है। इसके तहत शहरवासी अपने मकान का नक्शा बना कर 15 नवंबर तक निगम में आवेदन दे सकते हैं। अवैध निमार्णों के ऐसे आवेदनों को 31 दिसंबर तक रांची नगर निगम स्वीकृत कर देगा। कुमार गुरुवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पुराने बॉयलाज के तहत नियमित होंगे
उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों को पुराने बिल्डिंग बायलॉज के तहत रेगुलराइज किया जायेगा। इसके तहत एक हजार वर्गफीट के बिना नक्शा के मकान के रेगुलराइजेशन के लिए केवल 600 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं अगर भवन में 50 प्रतिशत तक विचलन है या सेट बैक नहीं छोड़ा गया है तो ऐसे एक हजार वर्गफीट वाले भवनों से 14 हजार रुपये रेगुलराइजेशन फीस ली जायेगी। इस समय सीमा तक अगर किसी ने अपने मकान को रेगुलराइज नहीं कराया, तो फिर ऐसे एक हजार वर्गफीट के मकानों का रेगुलराइजेशन नये बिल्डिंग बायलॉज के तहत की जायेगी। उन्होंने कहा कि इसके तहत निगम एक हजार वर्गफीट के मकानों से 9.30 लाख की राशि रेगुलराइजेशन फीस के रूप में वसूलेगा।
कागजात सही होने जरूरी
कुमार ने कहा कि ऐसे मकान जिन पर यूसी केस चल रहा है या जिन्होंने अपना मकान का नक्शा पास नहीं करवाया है, वे इस मौके का लाभ जरूर उठायें। नगर आयुक्त ने कहा कि इस रेगुलराइजेशन का लाभ केवल ऐसे घरों को ही मिलेगा, जिनके पास अपने जमीन का सही कागजात है। आदिवासी भूमि, विवादित जमीन या सरकारी जमीन पर घर बनाने वाले लोगों के भवनों को इस विधि के तहत पास नहीं किया जायेगा। केवल उन घरों का ही नक्शा पास होगा, जिनके सारे कागजात सही होंगे।