हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को कहा कि वह कोरोना वायरस रोगियों को छुट्टी देने की केन्द्र सरकार की संशोधित नीति से सहमत नहीं हैं। उन्होंने हल्के लक्षणों का सामना कर रहे रोगियों को भी जांच रिपोर्ट में संक्रमण नही होने की पुष्टि के बाद ही छुट्टी देने का आदेश दिया है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के साथ विचार-विमर्श के बाद कोविड-19 रोगियों को छुट्टी देने के मामले पर एक संशोधित नीति घोषित की है, जिसके अनुसार कोरोना वायरस के ऐसे रोगी जिनमें अभी भी गंभीर लक्षण दिख रहे हैं या उनकी प्रतिरोधक क्षमता पहले से ठीक है, उन्हें रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) के माध्यम से जांच करानी होगी, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उन्हें छुट्टी दी जानी चाहिये।
हालांकि ऐसे रोगी, जिनमें मध्यम, हल्के, बहुत हल्के या कोई लक्षण नहीं दिख रहे हों, उन्हें लक्षण खत्म होने के बाद, अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले जांच कराने की जरूरत नहीं होगी। विज से जब इस बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, ”मैंने एक आदेश जारी किया है कि हम इसे स्वीकार नहीं करते।
जब तक रोगी की ठीक हो जाने के बाद एक बार जांच रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आती, तब तक हम मरीजों को अस्पताल से छुट्टी नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि हल्के लक्षण पाए जाने के बाद जांच की जरूरत नहीं बताए जाने को लेकर आपत्ति है।
बता दें कि कोरोना मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देने की अपनी नीति में संशोधन करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब गंभीर मरीजों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले रोगियों की ही आरटी-पीसीआर प्रक्रिया से जांच होगी। जबकि संक्रमण के कम असर वाले, मध्यम असर वाले और प्री सिम्टोमैटिक मामलों में मरीज को छुट्टी देने से पहले जांच की अब जरूरत नहीं रहेगी।