-अभी तक विभिन्न राज्यों से कामगारों को लेकर 1337 ट्रेनें पहुंची उप्र, 104 ट्रेनें रास्ते में
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोक भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य में जब भी नियमित ट्रेन सेवा प्रारम्भ होगी, तब यात्रियों की स्कैनिंग करने के लिए कार्ययोजना अभी से तैयार कर ली जाए। इस अवसर पर उन्हें बताया गया कि अभी तक विभिन्न राज्यों से कामगारों, श्रमिकों को लेकर उत्तर प्रदेश में 1,337 ट्रेनें प्रदेश आ चुकी हैं तथा 104 ट्रेनें रास्ते में हैं।
गोरखपुर में कामगारों, श्रमिकों को लेकर अब तक 208 ट्रेनें आ चुकी हैं। इस प्रकार गोरखपुर रेलवे स्टेशन पूरे देश में सबसे अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेन रिसीव करने वाला स्टेशन बन गया है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री करें आकस्मिक निरीक्षण
इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को अस्पतालों व मेडिकल काॅलेजों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, जनता से सीधा फीडबैक प्राप्त करते हुए कार्यों की हकीकत को मौके पर परखने के लिए औचक निरीक्षण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने आज यहां डाॅ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने आमजन से संवाद स्थापित करते हुए अस्पताल की सेवाओं की जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सरकार ने कोरोना संक्रमण से निपटने को और गति प्रदान की
उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के कार्य को राज्य सरकार ने कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए और गति प्रदान की है। विभिन्न श्रेणी के कोविड अस्पतालों की स्थापना, वहां डाॅक्टरों सहित हर स्तर के प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता, दवा एवं संक्रमण से बचाव वाले उपकरणों की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य रोगियों के लिए टेलीमेडिसिन के द्वारा चिकित्सीय परामर्श तथा इमरजेंसी सेवाओं का संचालन कराया जा रहा है। उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों तथा प्रशासन को टीम भावना के साथ समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
नियमित संवाद व सम्पर्क से प्रशासनिक व्यवस्था को बनायें सुदृढ़
मुख्यमंत्री ने नियमित संवाद व सम्पर्क के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि लाॅकडाउन को सफल बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक सभी जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों से नियमित संवाद कायम रखें। उन्होंने ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में सेनिटाइजेशन कार्य को सतत् जारी रखने के निर्देश भी दिए।
उप्र आने वाले हर प्रवासी की हो स्क्रीनिंग, पूरा विवरण हो दर्ज
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से प्रदेश सरकार विभिन्न राज्यों से कामगारों, श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मानजनक प्रदेश वापसी सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश आने वाले सभी कामगारों की स्क्रीनिंग करते हुए इन्हें एकांतवास केन्द्र (क्वारंटाइन सेन्टर) या घरेलू एकांतवास (होम क्वारंटाइन) के लिए घर भेजा जाए।
एकांतवास केन्द्र तथा आश्रय गृह (शेल्टर होम) में स्वच्छता और सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कामगारों सहित सभी जरूरतमंदों को सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) के द्वारा शुद्ध एवं भरपेट भोजन की व्यवस्था की जाए। एकांतवास केन्द्र में कामगारों की स्किल मैपिंग करते हुए उनका मोबाइल नम्बर एवं बैंक खाता संख्या सहित सम्पूर्ण विवरण संकलित किया जाए, जिससे इन्हें रोजगार प्रदान करने में सुविधा होगी।
श्रमिकों का खाता निष्क्रिय होने पर तुरंत कराएं सक्रिय
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले कामगारों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराई जाए तथा घरेलू एकांतवास के दौरान इन्हें एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता अवश्य उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी श्रमिक का बैंक खाता किन्हीं कारणों से निष्क्रिय हो गया हो तो प्रशासन सम्बन्धित बैंक शाखा से सम्पर्क करते हुए ऐसे बैंक खातों को अविलम्ब सक्रिय कराएं, ताकि ऐसे कामगारों श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ते की धनराशि मिल सके।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से 44,000 ग्राम प्रधानों से संवाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू एकांतवास व्यवस्था की सफलता के लिए निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए तथा इनके द्वारा किए जा रहे सर्विलांस कार्य का फीडबैक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त किया जाए। उन्होंने निगरानी समितियों को सक्षम बनाने पर बल देते हुए कहा कि यह समितियां घरेलू तथा राजस्व सम्बन्धी विवादों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा 44,000 ग्राम प्रधानों से संवाद किया गया।
01 जून से खाद्यान्न वितरण की तैयारियां समय से हों पूरी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 01 जून, 2020 से प्रारम्भ हो रहे खाद्यान्न वितरण अभियान के अगले चरण की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से प्रदेश वापस लौटे कामगारों, श्रमिकों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए इनके राशन कार्ड बनाए जाएं। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जरूरतमंद परिवारों को अनिवार्य रूप से खाद्यान्न उपलब्ध हो।
किसी भी कोविड अस्पताल में बेड की संख्या 100 से कम न हो
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या को इस माह के अन्त तक बढ़ाकर एक लाख बेड कर लिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी कोविड अस्पताल में बेड की संख्या 100 से कम न हों। पुलिस, पीएसी, फायर सर्विस तथा रेलवे पुलिस के कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। चिकित्साकर्मियों को मेडिकल इंफेक्शन से बचाने के उद्देश्य से उनका प्रशिक्षण कार्य निरन्तर संचालित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपद के सभी कोविड चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
गेहूं खरीद कार्य को तेजी से कराएं सम्पन्न
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को उपज का उचित व लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई है। मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने गेहूं खरीद कार्य को तेजी से सम्पन्न करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाए।
टिड्डी दल से बचाव के किए जाएं सभी प्रबन्ध
उन्होंने निराश्रित गो-वंश के लिए स्थापित गो-आश्रय स्थलों के लिए भूसा बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा पशुओं की ईयर टैगिंग कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए बचाव के सभी प्रबन्ध किए जाएं तथा लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक भी किया जाए।