महाराष्‍ट्र के पालघर में साधुओं की हत्‍या का विहिप की ओर से मामला लड़ रहे वकीलों के सहयोगी की बुधवार को संदिग्‍ध परिस्थितियों में मौत हो गई। भाजपा के प्रवक्‍ता संबित पात्रा, भाजपा सांसद विनय सहस्‍त्रबुद्धे और विहिप प्रवक्‍ता विजय शंकर तिवारी व विनोद बंसल ने वकील की मौत पर सवाल उठाए हैं और मामले की जांच की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि या तो मामले की सीबीआइ जांच की जाए या फिर मामले की न्‍यायिक जांच की जाए।

पालघर में मॉब लिंचिंग में साधुओं का केस लड़ रहे वकील के सहयोगी दिग्विजय त्रिवेदी की बुधवार को मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर सड़क हादसे में मौत हो गई।

इस दौरान त्रिवेदी कार से दाहनु कोर्ट जा रहे थे। बताया जाता है कि कार दिग्विजय त्रिवेदी चला रहे थे, तभी उनकी कार ने नियंत्रण खो दिया और बाईं ओर कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के कुछ समय बाद दिग्विजय त्रिवेदी की मौत हो गई, जबकि कार में सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्‍हें नजदीक के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है।

भाजपा सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी जांच की मांग करते हुए ट्वीट किया कि यह चौंकाने वाला है और इसकी जांच होनी चाहिए। मैं महाराष्ट्र के डीजीपी और मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच के आदेश देने के मांग करता हूं।

विश्‍व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्‍ता विजय शंकर तिवारी ने कहा है कि पालघर में संतों के हत्‍याकांड मामले में न्‍यायालय में संतों का पक्ष रखने वाले वकील दिग्विजय त्रिवेदी की कार एक्सिडेंट में असामयिक मृत्‍यू हो गई। हालांकि लोग यह प्रश्‍न उठा रहे है कि कहीं ये साजिश तो नहीं है, इसकी न्‍यायिक जांच होनी चाहिए।

 

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