कानपुर । अक्सर चर्चा में रहने वाली ग्वालटोली पुलिस का एक और कारनामा मंगलवार को सामने आया है। दुकान खोलने का नियम पूछना थाना पुलिस को नागवार गुजरा है। आरोप है कि थाना प्रभारी ने सिपाहियों के साथ यह बात पूछने आए स्थानीय दुकानदारों को जमकर पीटा। यही नहीं महिलाओं को भी नहीं बख्शा और पीटा गया। पिटाई से कई दुकानदार घायल हुए हैं। पुलिस ने सभी को मेडिकल के लिये उर्सला भेजा है। पुलिस की कार्रवाई से आक्रोशित सभी दुकानदारों ने दुकानें बंद कर थाने का घेराव किया और आलाधिकारियों से न्याय की मांग की है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह लॉक डाउन का पालन नहीं कर रहे थे।
खलासी लाइन में रहने वाले दुकानदार विनोद गुप्ता, शुभ्रा, सोनू गुप्ता, अजय चौरसिया, विजय चौरसिया, आशीष जायसवाल ने बताया कि वह सुबह आधा शटर उठाकर दुकान खोले हुए थे। उनके पास दुकान खोलने का बाकायदा पास भी है। वह सभी होम डिलीवरी भी करते हैं। अखबार में शाम सात बजे तक दुकान खुलने की खबर पढ़कर सभी लोग ग्वालटोली थाने में यह बात कन्फर्म करने गए थे कि दुकान खुलने का क्या नियम है। इस पर थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों ने बाद में आने की बात कहकर टाल दिया। जैसे सभी लोग थाने से बाहर निकले तभी ग्वालटोली इंस्पेक्टर विजय पांडेय आ गए और उन्होंने सभी दुकानदारों को थाने के अंदर बुला लिया। आरोप है कि थानेदार के इशारे पर पुलिसकर्मियों ने सभी को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं महिला दुकानदार को भी नहीं बख्शा गया और उसकी भी पिटाई कर दी। सभी दुकानदारों को गंभीर चोटें आयी हैं।
थानेदार की तानाशाही के चलते सभी दुकानदारों ने हंगामा किया। आरोप है कि थाने का गेट बन्दकर करके सभी को पीटा है। पुलिस ने मेडिकल के लिए सभी को उर्सला भेजा है। दुकानदार थानेदार पर कार्यवाही की मांग कर रहे है।
मामले में क्षेत्रधिकारी कर्नलगंज अजीत कुमार रजक ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। घटना की जांच की जा रही है। साथ ही उच्चाधिकारियों को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।