रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कई मांगें रखीं। उन्हें बताया कि किस तरह से झारखंड सरकार कोरोना के संक्रमण से लड़ रही है और मजदूरों को कैसे लाया जा रहा है। उन्होंने पीएम से कहा कि झारखंड के लिए राहत की बात यह है कि कोरोना की रिकवरी रेट राज्य में लगभग 50 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग में अपनी बात रख रहे थे। प्रधानमंत्री के साथ गृह मंत्री अमित शाह और अन्य मंत्री भी बैठे हुए थे, जबकि हेमंत सोरेन के साथ मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी और ओएसडी गोपाल जी तिवारी भी थे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करना जरूरी
बातचीत की शुरुआत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि पहले मजदूरों की नदी राज्य से बाहर बह रही थी और अब यह नदी राज्य में वापसी की ओर है। हालत ये है कि विषम परिस्थितियों में वे रेल की पटरियों से लौट रहे हैं और इसमें कैसे हादसे हो रहे हैं यह आपसे छिपा नहीं है। ऐसे में आपसे अनुरोध होगा कि मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाये। हालांकि आपने ट्रेन से मजदूरों को लाने की अनुमति जरूर दी है लेकिन वह इतनी सीमित है कि अभी तक हम 21-22 ट्रेन में पचास हजार के करीब मजदूर ही ला पाये हैं जबकि सात लाख से अधिक मजदूर बाहर हैं। वे सभी के सभी डरे हुए हैं। उनके मन से डर निकाला जाये। मैंने पहले भी कहा था कि हमारे यहां समस्या तब होगी जब प्रवासी मजदूर लौटेंगे। अब वे लौटने भी लगे हैं, ऐसे में उनके जीविकोपार्जन के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसकी सबसे सशक्त कड़ी मनरेगा है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि मनरेगा की गाइडलाइन में कुछ छूट मिले। श्रम दिवस में कम से कम पचास प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाये। मनरेगा की मजदूरी भी बढ़ायी जाये। जैसा कि आपको पता है कि झारखंड अधिकांश मामलों में केंद्र पर निर्भर रहा है। अभी तक हमें जीएसटी का कंपनसेशन भी नहीं मिला है।
गांव तक कोरोना संकट न पहुंचे, अब यही चुनौती है: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राज्य मिल कर काम कर रहे हैं। पीएम ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि आप सभी के सुझावों से दिशा-निर्देश निर्धारित होंगे। भारत इस संकट से अपने आपको बचाने में बहुत हद तक सफल हुआ है। राज्यों ने अपनी जिम्मेदारी निभायी है। दो गज की दूरी ढीली हुई तो संकट बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि जो जहां है वहीं रहे, लेकिन मनुष्य का मन है और हमे कुछ निर्णय बदलने भी पड़े। अब गांव तक कोरोना संकट न पहुंचे, अब यही चुनौती है। उधर प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पीएम मोदी से लॉकडाउन की अवधि फिर से बढ़ाने की मांग की। उन्होंने पीएम से यह भी कहा कि कोरोना संकट से निपटने में राज्यों के साथ किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। ममता ने कहा कि कोविड-19 महामारी को पछाड़ने के लिए पूरे देश और हर प्रदेश को साथ मिल कर काम करना होगा। उद्धव ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई सभी मुख्यमंत्रियों की मीटिंग के दौरान लॉकडाउन बढ़ाने की जोरदार वकालत की। उन्होंने यहां तक कहा कि लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया गया, तो कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन हो जायेगा। ठाकरे ने मोदी से स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाबंदियों के बिना संक्रमण का प्रसार नहीं रोका जा सकता है।
बंद है खनन का कार्य : सीएम
हेमंत ने कहा कि झारखंड में खनन का कार्य अधिक होता है। वह अभी बंद है। ऐसे में राज्य सरकार के राजस्व के अधिकांश स्रोत बंद हैं। ऐसे में एक-एक रुपये के लिए हम केंद्र की ओर देखते हैं। मेरा आग्रह होगा कि हमारे लिए भी कुछ संसाधन रखा जाये, ताकि उसके जरिये हम राजस्व बढ़ा सकें। सीएम ने कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता यही है कि लोगों की जान कैसे बचे। आज की तारीख में जीविका और जीवन के बीच संतुलन बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र सरकार झारखंड को हर संसाधन मुहैया करायेगी और लॉकडाउन के बारे में केंद्र का जो भी निर्णय होगा उस गाइडलाइन को मानेंगे। आपने हमें बात रखने का मौका दिया इसके लिए हम धन्यवाद देना चाहेंगे।
स्ट्रैटिजी के साथ बढ़े लॉकडाउन: कैप्टन अमरिंदर
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी लॉकडाउन फिर से बढ़ाने की वकालत करते हुए इसके लिए सही रणनीति बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन को बढ़ाया जाये, लेकिन सावधानीपूर्वक तैयार की गयी स्ट्रैटिजी के साथ। इसमें राज्यों के आर्थिक और राजकोषीय सशक्तिकरण की मदद से जिंदगी और जीविका को बचाने की तैयारी भी होनी चाहिए।
31 मई तक ट्रेन, एयर सर्विस रोकें: पलानिसामी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भी 31 मई तक राज्य में रेल सेवा बहाल नहीं करने का आग्रह किया। सीएम के पलानिसामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वो तमिलनाडु में 31 मई तक ट्रेन सर्विस की अनुमति नहीं दें। उन्होंने इसके लिए चेन्नई में कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या का हवाला दिया।