कोरोना संक्रमण काल में भी ओछी राजनीति कर रही कांग्रेस
केंद्र सरकार यह ध्यान रख रही है कि स्टेशनों और ट्रेन से सफर करनेवाली भीड़ नियंत्रित रहे
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का 85 फीसदी खर्च रेलवे और भारत सरकार उठा रही है। वहीं कांग्रेस मजदूरों को भड़काने की साजिश करके देश में अराजकता फैलाना चाहती है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर भ्रामक बयान दिया है। प्रतुल ने कहा कि केंद्र सरकार यह ध्यान रख रही है कि स्टेशनों और ट्रेन से सफर करनेवाली भीड़ नियंत्रित रहे। इसलिए टिकट का प्रावधान किया गया है। केंद्र ने यह जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी है कि वह बताये कि कौन सी ट्रेन कहां से उनके राज्यों के लिए चलेगी। इसकी सूची राज्य सरकार केंद्र को सौंप रही है। राज्य सरकार की सूची के अनुसार ही केंद्र के निर्देश पर रेलवे काम कर रही है। पूरे देश में अभी लॉक डाउन है इसलिए श्रमिक ट्रेनों को अति आवश्यक सुविधा के अंतर्गत चलाया जा रहा है। इन ट्रेनों का 85 फीसदी खर्च रेलवे और केंद्र सरकार उठा रही है।

सिर्फ 15 फीसदी खर्च राज्य सरकार उठा रही है राज्य सरकार
प्रतुल ने कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का सिर्फ 15 फीसदी खर्च राज्य सरकार उठा रही है। इस 85 फीसदी खर्च में स्पेशल ट्रेन से यात्रा, मेडिकल सुविधा और खाली ट्रेन की वापसी का खर्च शामिल है। इसके लिए स्क्रीनिंग की जिम्मेवारी राज्य सरकार को सौंपी गयी है। प्रतुल ने कहा कि कांग्रेस आज भी अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में लगी है। उसे न गरीबों की फिक्र है और न गांव की। स्क्रीनिंग के बिना लाखों लोगों के अचानक गांव लौटने से कोरोना संक्रमण गांवों तक फैल सकता है और इसके भयावह परिणाम हो सकते हैं। लेकिन कांग्रेस को इसकी चिंता नहीं है। उसे सिर्फ ओछी राजनीति करनी आती है।

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