कोरोना वायरस को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिका हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने में जुटा हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका एक सुपर-डुपर मिसाइल बना रहा है, जो सभी मिसाइलों से 17 गुना तेज रफ्तार वाली हैं। गौरतलब है कि अमेरिका के अलावा रूस और चीन के पास ही हाइपरसोनिक मिसाइल है। अमेरिका भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रह्मास्त्र का निर्माण कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका अभी अविश्वसनीय मिलिट्री एक्विपमेंट बना रहा है। उन्होंने इसे सुपर-डुपर मिसाइल नाम दिया। ट्रंप ने कहा कि हमारे पास अभी जो मिसाइलें हैं ये उससे यह 17 गुना तेज है।
ट्रंप के इस भाषण को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रेस सेक्रेटरी जोनाथन हॉफमैन ने ट्वीट किया है। हाइपरसोनिक मिसाइल को दुनिया की सबसे तेज हमलावर मिसाइल माना जाता है। इससे किसी भी युद्ध की दिशा को बदल सकता है।
हाइपरसोनिक मिसाइल आवाज की रतार (1235 किमी प्रतिघंटा) से कम से कम पांच गुना तेजी से उड़ान भर सकती है। ऐसी मिसाइलों की न्यूनतम रफ्तार 6174 किमी प्रतिघंटा होती है। क्रूज और बैलिस्टिक दोनों के फीचर्स से लैस ये मिसाइल लॉन्चिंग के बाद पृथ्वी की कक्षा से बाहर जाती है, पिर टारगेट को अपना निशाना बनाती है।
अमेरिका द्वारा 30 साल पुरानी इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस (आईएनएफ) संधि से खुद को अलग कर लेने के बाद दुनिया में हाइपरसोनिक मिसाइलों को बनाने की होड़ मच गई है। संधि से अलग होने के एक सप्ताह बाद ही 20 अगस्त को अमेरिका ने 500 किमी से अधिक रेंज वाली एक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था।