इस साल के आखिरी सुपरमून का खूबसूरत नजारा गुरुवार 7 मई की शाम को दिखा. इस वक्त चांद बेहद खूबसूरत नजर आ रहा था, जिसे ‘सुपर फ्लावर मून’ कहा गया है.
दुनिया के कई हिस्सों में ये नजारा देखा गया. हालांकि भारत में शाम 04:15 मिनट पर दिन का उजाला होने के कारण सुपर फ्लावर मून नहीं दिखाई दिया. लिहाजा लोगों ने इसे नासा द्वारा दी गई लिंक के जरिए ऑनलाइन देखा.
बता दें कि एक सुपरमून आकाश में तब दिखाई देता है जब पूर्णिमा या अमावस्या पृथ्वी के करीब आते हुए एक परिधि में आती है. अगर फुल मून अप्रैल के महीने में होता है, तो इसे आमतौर पर पिंक मून कहा जाता है और मई में आने वाले को फुल मून कहा जाता है.
इसे क्रमशः कॉर्न प्लांटिंग मून, मिल्क मून और हरे चंद्रमा जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है.
नासा ने ट्वीट कर इवेंट की लाइव स्ट्रीमिंग के बारे में बताया कि आप इसे कैसे देख सकते हैं. वैसे जिन लोगों को आज ये नजारा छूट जाने का दुख है, उन्हें बता दें कि 5 जून, 2020 को एक और फुल मून होगा.
इसे फ्लावर मून इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस मौसम में अधिकांश फूल खिलते हैं और इस घटना को इंगित करने के लिए इस शब्द का उपयोग किया जाता है.
भारतीय संदर्भ में, यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के साथ मेल खाता है, जिसे भगवान बुद्ध के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है