गुजरात कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा 24 फरवरी को आयोजित किया गया ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम राज्य में कोरोना वायरस की वजह से हुई 800 से ज्यादा मौतों के लिये जिम्मेदार है, जिसपर सत्ताधारी भाजपा ने तीखा पलटवार किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावडा ने कहा कि उनकी पार्टी जल्दी ही गुजरात उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर इस मेगा कार्यक्रम के आयोजन की विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच कराए जाने की मांग करेगी।

प्रदेश भाजपा ने हालांकि इस आरोप को खारिज करते हुए दावा किया कि विपक्षी दल मीडिया में आई उन खबरों का जवाब तलाशने की कोशिश कर रहा है जिनमें खुलासा किया गया है कि ‘तबलीगी जमात के दिल्ली मरकज के कार्यक्रम के बाद कैसे कोरोना वायरस फैला।’ भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहमदाबाद में एक रोड शो में हिस्सा लिया था जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। रोड शो के बाद दोनों नेताओं ने मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम में एक लाख से भी ज्यादा लोगों की भीड़ को संबोधित किया था। इस कार्यक्रम को ‘नमस्ते ट्रंप’ नाम दिया गया था।

गुजरात में कोरोना वायरस का पहला मामला 20 मार्च को सामने आया था। वहीं 25 मई तक राज्य में संक्रमण के कारण 888 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमितों की संख्या राज्य में 14,468 है। चावडा ने आरोप लगाया, ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जनवरी में ही कोरोना वायरस को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी, राज्य की भाजपा सरकार ने इसके बावजूद नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम का आयोजन किया जिसकी वजह से 800 से ज्यादा लोग यहां महामारी का शिकार बने।’

उन्होंने दावा किया कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी 22 जनवरी को एक अधिसूचना महामारी के बारे में जारी की थी और अपने जिला कार्यालयों से कोरोना वायरस से लड़ने के लिये एहतियाती कदम उठाने को कहा था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने पीपीई किट और वेंटिलेटर खरीदने समेत अन्य ऐहतियाती उपाय क्यों नहीं किये। यह आपराधिक लापरवाही है।

वहीं भाजपा ने आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष को इस मुश्किल वक्त में राजनीति नहीं करने की नसीहत दी।

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