चक्रवाती तूफान ‘यास’ के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. बचाव और राहत टीमों को एक जगह से दूसरी जगहों पर भेजा जा रहा है. रक्षा विमानों और नेवी शिप्स को सतर्क रखने को कहा गया है. मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला ‘कम दबाव का क्षेत्र’ अब ‘दबाव वाले क्षेत्र’ में तब्दील हो गया है. ‘यास’ के बुधवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के पूर्वी तटीय इलाकों में दस्तक देने की संभावना है. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि राज्य भीषण चक्रवाती तूफान ‘यास’ से निपटने के लिए तैयार है. यास 26 मई को बालासोर के निकट दस्तक दे सकता है. सीएम ने ये भी कहा कि हम पूरी तरह तैयार हैं और हमारे अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों के संपर्क में हैं. वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, विभिन्न अस्पतालों में बिजली बैक अप की व्यवस्था करने और राज्य में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों में सुरक्षा के निर्देश जारी किए हैं.
ओडिशा में तेज हवाएं और बारिश जारी, 26 को ‘यास’ मचा सकता है तबाही
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