संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि भारत में कोविड-19 (Corona In India) की भयावह स्थिति हम सभी के लिए चेतावनी होनी चाहिए और इसकी प्रतिध्वनि वायरस संबंधी मौतों, वायरस में बदलाव और सप्लाई में देरी के संदर्भ में क्षेत्र और विश्व में तब तक सुनाई देगी जब तक दुनिया इस देश की मदद के लिए कदम नहीं उठाएगी.

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने भारत को 20 लाख फेसशील्ड और दो लाख मास्क सहित जरूरी जीवनरक्षक सामान की अतिरिक्त सप्लाई की है. एजेंसी की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोर ने मंगलवार को कहा, ‘भारत की भयानक स्थिति ने हम सभी के लिए चेतावनी की घंटी बजा दी है’.

उन्होंने कहा, ‘जब तक दुनिया भारत की मदद के लिए कदम नहीं उठाती, तब तक कोरोना वायरस संबंधी मौतों, वायरस में बदलाव और सप्लाई में देरी सबंधी प्रतिध्वनि क्षेत्र और पूरी दुनिया में सुनाई देगी’. कुछ दिनों पहले यूनीसेफ ने बताया था कि उसने कोरोना महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहे भारत की मदद के लिए 3,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे हैं.

‘भारत को दीं 85 आरटी-पीसीआर मशीन’- UNICEF

संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार एजेंसी ने बताया कि उसने 500 से ज्यादा उच्च प्रवाह नासिका नलिकाएं और 85 आरटी-पीसीआर मशीन भी भेजी हैं. अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने बताया कि वह पूर्वोत्तर और महाराष्ट्र में 25 ऑक्सीजन प्लांट्स को खरीदने और स्थापित करने में भी मदद कर रही है और देश के अलग-अलग हिस्सो में 70 से ज्यादा थर्मल स्केनर स्थापित किए हैं.

दक्षिण एशिया के लिए यूनीसेफ के क्षेत्रीय निदेशक जॉर्ज लारिया-अदजेई ने कहा था कि भारत में जो दृश्य हम देख रहे हैं, वह विनाशकारी है. उन्होंने कहा था कि सबसे अधिक असुरक्षित परिवार इस प्राणघातक महामारी की भारी कीमत चुका रहे हैं. यूनीसेफ ने अपने सभी साझेदारों से भी कोविड-19 महमारी से निपटने में तुरंत मदद करने की अपील की है.

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