हैदराबाद। कोरोना संकट के बीच देश के लिए शनिवरा को उस समय राहत की खबर मिली, जब रूस से एक विमान स्पुतनिक-वी टीके की पहली खेप लेकर हैदराबाद में उतरा। विदेश मंत्रालय के अनुसार पहली खेप में डेढ़ लाख खुराक भारत पहुंची है। इसके बाद मध्य मई या माह के अंत तक 30 लाख खुराक और आयेगी। जून में 50 लाख खुराक और आयेगी। रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआइएफ) के एक अधिकारी ने बताया कि भारत को एक मई को रूसी कोरोना वैक्सीन ‘स्पूतनिक वी’ की पहली खेप मिलने लगी है।
भारत में रूस के राजदूत एन कुदाशेव ने कहा कि रूस और भारत दोनों मिलकर इस खतरनाक महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि स्पुतनिक वी वैक्सीन भारत में लोगों की जान बचाने का काम करेगी और यह विश्व में सबसे अधिक प्रभावी है।
देश में छह उत्पादन इकाइयां बनाएंगी स्पुतनिक-वी वैक्सीन
भारत में इस वैक्सीन की निर्माता कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक सपरा ने कहा, सीमित मात्रा में स्पुतनिक-वी की पहली खेप रूस से आयात की गयी है। जैसे ही हम सीधे वैक्सीन की सप्लाई करने लगेंगे, रूस से आयात बंद कर दिया जायेगा। हमारी कंपनी ने भारत में स्पुतनिक-वी वैक्सीन बनाने के लिए छह उत्पादन इकाइयां चुनी हैं। इनमें से दो इकाइयों में जून-जुलाई से सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। अन्य दो इकाइयां अगस्त और आखिरी दो इकाइयां सितंबर-अक्टूबर से सप्लाई शुरू कर सकती हैं।’
सपरा ने आगे कहा, रूस से आयात की जाने वाली वैक्सीन की पहली खेप सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार केंद्र, राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों को दी जायेगी। अभी इस वैक्सीन की कीमत निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। आयात की गयी वैक्सीन और देश में बनायी गयी वैक्सीन की कीमतों में अंतर होगा।’