मुम्बई, पांच मई बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को भाजपा सांसद सुजाय विखे पाटिल के विरूद्ध इस आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया कि उन्होंने अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र अहमदनगर के वास्ते रेमडेसिविर दवा की बड़ी खेप अवैध रूप से हासिल की थी।

रेमडेसिविर की कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए फिलहाल बड़ी मांग है।

उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ में न्यायमूर्ति रवींद्र वी घुग और न्यायमूर्ति भालचंद्र यू देबाद्वार की खंडपीठ ने इसके बजाय याचिकाकर्ताओं को संबंधित थाने जाने और वहां औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया।

पीठ ने संबंधित थाने को कानून के अनुसार शिकायत पर गौर करने और प्राथमिक जांच में अपराध सामने आने पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

अदालत अहमदनगर के राहूरी के कृषक अरूण काडू एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही है। विखे पाटिल का कहना है कि ये सभी उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं।

याचिकाकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर आये एक वीडियो पर भरोसा किया है। इस वीडियो में विखे पाटिल कथित रूप से शेखी बघार रहे हैं कि दिल्ली में अपने संपर्क की मदद से उन्होंने रेमडेसिविर इंजेक्शन हासिल किये हैं।

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