डेथ रेट एक सप्ताह में होने लगेगा कम
बारह दिन में संक्रिय मामले 30 हजार कम
रांची। (प्रशांत झा ) राज्य में कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे कम हो रहा है। नये कोरोना मरीज कम मिल रहे हैं। कोरोना को मात देनेवाले बढ़ रहे। सक्रिय मामले भी कम हो रहे हैं। इन सबके बीच डेथ रेट अभी भी कम होना नहीं शुरू हुआ है। एक मई से डेथ रेट लगातार बढ़ रहा है, लेकिन विशेषज्ञों और जानकारों ने एक अच्छा संकेत दिया है। उनका कहना है कि एक सप्ताह के अंदर राज्य में डेथ रेट कम होने लगेगा। एक-दो जून के बाद से स्थिति पहले की तरह सामान्य होने लगेगी। बशर्ते लोग आगे भी संयम रखें। जिस तरह से अभी कोरोना को लेकर जीवन बिता रहे, वैसे ही आगे भी बिताते रहें। यह तभी संभव है। इससे एक और फायदा होगा कि तीसरी लहर को भी रोका जा सकेगा।
8 मई से घट रहे सक्रिय मामले
राज्य में मई का पहला सप्ताह कोरोना की दूसरी लहर का पीक था। हर दिन राज्य में पांच हजार से अधिक नये मरीज मिल रहे थे। इस दौरान 8 मई को सबसे अधिक सक्रिय मामले हो गये थे। इस दिन कुल सक्रिय मरीज 61 हजार 177 हो गये थे। इसके बाद से सक्रिय मामले घटने लगे हैं। पिछले 12 दिन में 30 हजार से अधिक सक्रिय मामले कम हुए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 20 मई को राज्य में कुल सक्रिय मामले 31 हजार 528 पर पहुंच गये हैं।
मृतकों की संख्या घट रही, डेथ रेट बढ़े
अप्रैल अंतिम से मई पहले सप्ताह तक हर दिन 100 से 150 लोगों की कोरोना से मौत हो रही थी। 1 मई को 159 लोगों की मौत हुई थी। 14 मई के बाद से मौत की संख्या कम हो रही है। अभी यह आंकड़ा 50 से 100 के बीच रह रहा है। इसके बावजूद डेथ रेट का प्रतिशत कम होना शुरू नहीं हुआ है। राज्य में 1 मई को 1.18 फीसदी डेथ रेट था, जो लगातार बढ़ते हुए 19 मई को 1.44 फीसदी पर पहुंच गया है।
अगले सप्ताह से होने लगेगा सुधार
विशेषज्ञों और जानकारों का कहना है कि झारखंड में कोरोना का पीक बीत चुका है। स्थिति में सुधार हो रहा है। डेथ रेट में कमी आनेवाले कुछ दिनों में दिखने लगेगी। जो लोग पीक के समय संक्रमित हुए, उनका 14 दिन का समय बीतने लगा है। जैसे-जैसे वह स्वस्थ होते जायेंगे, डेथ रेट का आंकड़ा कम होता जायेगा। 1-2 जून के बाद से डेथ रेट में कमी दिखने लगेगी।
भविष्य में भी रखना होगा संयम
विशेषज्ञों और जानकारों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर खत्म हो चुकी है। अभी लोगों के संयम की वजह से स्थिति सुधर रही है। इस संयम को अगले कुछ महीने तक बरकरार रखना होगा। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजिंग, अनावश्यक घर से निकलने आदि को लेकर खुद ही सतर्क रहना होगा। तभी दूसरी लहर से पूरी तरह बाहर निकल सकेंगे और तीसरी लहर को रोक पायेंगे।