झारखंड के दस जिलों में सौ से कम कोरोना संक्रमित मिले

आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। राज्य में कोरोना संक्रमण दर में कमी आयी है। नये मरीज अब थोड़े कम मिल रहे हैं। कोरोना से ठीक होनेवालों की तादाद बढ़ी है। यह एक अच्छा संकेत है। राज्य के दस जिले ऐसे हैं, जहां पिछले 24 घंटे में नया कोरोना मरीज 100 से कम मिले हैं। यह राज्य के लोगों को राहत देनेवाली खबर है, लेकिन कहावत है सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। इसलिए अभी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, टेस्ट, वैक्सीन सेमेत कोरोना के लिए जो भी प्रोटोकॉल सरकार ने निर्धारित किया है, वह मानना चाहिए। संक्रमण को शून्य पर लाने के लिए लोगों को संयम रखना चाहिए।

पिछले 24 घंटे में केवल 3175 नये मरीज
अप्रैल के पहले सप्ताह से लेकर आठ मई तक कोरोना के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा था। हर दिन पांच हजार से अधिक नये मरीज मिल रहे थे। 10 मई से नये मरीज कम मिलने लगे हैं। पिछले 24 घंटे केवल तीन हजार 175 मरीज मिले। उधर, कोरोना से ठीक होनेवाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पिछले सप्ताह तक औसत जहां तीन से चार हजार मरीज ठीक हो रहे थे, वहीं पिछले 24 घंटे में छह हजार 762 मरीज ठीक हुए हैं। नये मरीज कम मिलने और ठीक होनेवालों की संख्या बढ़ने से सक्रिय मरीज कम हुए हैं। 8 मई को संक्रिय मरीज 61 हजार 185 पहुंच गये थे। वहीं पिछले 24 घंटे में 41 हजार 681 हो गये हैं।

रांची में सबसे अधिक और पाकुड़ में सबसे कम मरीज मिले
राज्य में कोरोना जांच रोजाना औसतन 40 से 50 हजार हो रहा है। जिस दिन अभियान चलाया जाता है, उस दिन जांच का आंकड़ा 80 से 90 हजार पहुंच जाता है। पिछले 24 घंटे में 52 हजार 098 लोगों की कोरोना जांच हुई। इनमें सबसे अधिक नये मरीज रांची में 465 और सबसे कम पाकुड़ में एक मरीज मिला। खास बात यह है कि 24 जिलों में से दस जिले ऐसे हैं, जहां 100 से कम नये मरीज मिले हैं। छह जिले ऐसे हैं, जहां 200 से अधिक नये मरीज मिले। बाकी सभी जिलों में नये मरीज 100 से 200 के बीच रहा।

सतर्क रहने की है जरूरत
राज्य में अभी फरवरी-मार्च वाली स्थिति भी नहीं पहुंची है। उस समय झारखंड की स्थिति काफी अच्छी थी। राज्य में बहुत ही कम कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे थे। जितने अभी रोजाना मरीज मिल रहे, उतने कुल सक्रिय मामले भी नहीं थे। इसलिए अभी सावधानी की जरूरत है। साथ ही इस बार जब तक शून्य संक्रमण और सभी का वैक्सीनेशन नहीं हो जाये, तब तक सतर्क रहने की जरूरत है। नहीं तो दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में फंस सकते हैं।

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