पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गये पत्र को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि तीन मई को ही कोरोना राहत सामग्रियों की सूची को एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) से राहत दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को देखना चाहिए कि उन्होंने सूची में जिन वस्तुओं को बताया है, वे पहले से ही इसमें शामिल हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा है कि हम सभी नयी चुनौतियों का सामना करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. साथ ही विभिन्न स्रोतों से संसाधनों को प्रणालीबद्ध करने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं. इसमें कोविड उपचार के लिए जीवन रक्षक दवाओं और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी शामिल है.

उन्होंने कहा है कि बड़ी संख्या में संगठन, व्यक्ति और परोपकारी एजेंसियां ऑक्सीजन, सिलेंडर, क्रायोजेनिक भंडारण टैंक, टैंकर और ट्रैंक कंटेनर के साथ-साथ कोरोना से संबंधित दवाओं का दान करने के लिए आगे आये हैं. इन संगठनों से मिले दान मांग और आपूर्ति भारी अंतर को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को पूरा करेगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि कई दान दाताओं और एजेंसियों ने सीमा शुल्क, एसजीएसटी, सीजीएसटी, आइ्रजीएसटी से इन वस्तुओं को छूट देने पर विचार करने के लिए राज्य सरकार से संपर्क किया है.

जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति की कमी को दूर करने में मदद करने और कोरोना महामारी के प्रभावी प्रबंधन में योगदान करने के लिए इन वस्तुओं को जीएसटी, सीमा शुल्क और अन्य कर्तव्यों और करों से मुक्त किया जा सकता है. मालूम हो कि दर संरचना केंद्र सरकार के दायरे में आती है.

मालूम हो कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर कोविड-19 राहत सामग्रियों पर से जीएसटी और सीमा शुल्क जैसे अन्य करों को हटाने की मांग की थी.

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