देहरादून। हिमालय के आंगन में बिराजे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट सोमवार प्रातः 5 बजे खुलेंगे। कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और लोगों से अपने घरों में रहकर पूजा-अर्चना करने का आग्रह किया है।
रविवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि धाम के कपाट खुलने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। देवस्थानम बोर्ड और मंदिर समितियां चारों धामों में जनकल्याण के लिए पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से करवा रही हैं। इससे पहले यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई और गंगोत्री धाम के कपाट 15 मई को खुल चुके हैं। शनिवार शाम केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंच चुकी है। सोमवार प्रात: 5 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसके बाद बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे।
पर्यटन मंत्री महाराज ने बताया कि रविवार को श्री नृसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के साथ योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंच गई है। सोमवार शाम उद्धवजी एवं श्री कुबेर के साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच जाएगी। उन्होंने साफ किया है कि कोरोना के मद्देनजर चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया जा चुका है। इस अवधि में नित्य नियम से पूजा-अर्चना होगी। धामों में पूजापाठ से जुड़े लोगों को ही जाने की अनुमति है। इन सभी को भी कोरोना बचाव मानकों का पालन करना होगा।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में कपाट खुलने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई, बिजली-पानी की आपूर्ति, रावल, पुजारियों, वेदपाठियों के आवास की व्यवस्था की गई है। सभी को शारीरिक दूरी के साथ मास्क पहनना और थर्मल स्क्रीनिंग कराना अनिवार्य किया गया है। देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह भी केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। गढ़वाल आयुक्त और उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने चारधाम के कपाट खुलने के अवसर पर कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।