रूस की स्पूतनिक लाइट वैक्सीन भारत की पहली सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन हो सकती है। डॉ, रेड्डी इस वैक्सीन के रोलआउट के लिए सरकार और नियामक संस्थाओं से लगातार बात कर रहे हैं। एनडीटीवी की खबर के अनुसार जून के महीने के बाद इस वैक्सीन का रोलआउट हो सकता है। मौजूदा समय में देश के 35 वैक्सीनेशन सेंटरों में स्पूतनिक वी वैक्सीन लगाई जा रही है। कोरोना से ठीक से बचाव के लिए इस वैक्सीन के दो डोज लगना जरूरी है। रूस से आयात हो रही इस वैक्सीन की कीमत 995.40 रुपए है। भारत में डॉ, रेड्डी लैबोरेट्री इसका निर्माण कर रही है।रूस के प्रत्यक्ष निवेश कोष के सीईओ किरिल दिमित्रेव ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही भारत में स्पूतनिक वी लाइट वैक्सीन मौजूद होगी। उन्होंने आगे कहा स्पूतनिक वी एक भारतीय-रूसी वैक्सीन है। इसके कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा भारत में बनाया जाएगा। इस साल भारत में इस वैक्सीन के 850 मिलियन से ज्यादा डोज बनाए जाने की उम्मीद है।
भारत में अनुमति पाने वाली तीसरी वैक्सीन बनी स्पूतनिक वी
स्पूतनिक वी भारत में अनुमति पाने वाली तीसरी कोरोना वैक्सीन है। इससे पहले कोवीशील्ड और कोवैक्सीन को भारत में अनुमति मिल चुकी है और बड़ी संख्या में ये दोनों वैक्सीन करोड़ों भारतीयों को लगाई जा चुकी हैं। स्पूतनिक वी वैक्सीन 91.6 फीसदी मामलों में कारगर सिद्ध हुई है। भारत में 14 मई के दिन हैदराबाद में इस वैक्सीन का पहला डोज लगाया गया। इसके साथ ही यह वैक्सीन लॉन्च हुई है। भारत में इसका उत्पादन शुरू होने के बाद इसकी कीमतें भी कम होंगी।