नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों की हालत पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पूछा है कि लॉकडाउन की वजह से इनके पास न काम है और न ही खाने के पैसे। ऐसे में वे कैसे जीवन बसर करेंगे। कोर्ट इस मामले पर आज शाम विस्तृत आदेश पारित करेगा।
कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों की दशा और उनके लिए चलाई जाने वाली योजनाओं पर राज्य सरकारों को एक हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जो प्रवासी मजदूर पिछले साल अपने गांव वापस चले गए थे और वापस आ गए हैं उनके लिए रोजगार या खाने-पीने का साधन होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में सामूहिक रसोई बनाई जानी चाहिए ताकि कोई भी भूखा न रहे। गांव लौट रहे लोगों से ट्रांसपोर्टरों द्वारा ज्यादा पैसे वसूले जाने का हल निकाला जाए।
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