आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को घोषित कर दिया। इसके पांच टॉपरों में चार लड़कियां हैं। टॉप 10 में 6 लड़कियां शामिल हैं। ग्रेटर नोएडा की रहनेवाली इशिता किशोर ने पहला स्थान हासिल किया है, जबकि दूसरे स्थान पर बक्सर की गरिमा लोहिया हैं। उमा हरति एन ने तीसरा स्थान, प्रयागराज की स्मृति मिश्रा ने चौथा स्थान, मयूर हजारिका ने पांचवां स्थान, गहना नव्या जेम्स ने छठा स्थान, वसीम अहमद भट ने सातवां स्थान, अनिरुद्ध यादव ने आठवां स्थान, कनिका गोयल ने नौवां स्थान और राहुल श्रीवास्तव ने 10वां स्थान हासिल किया है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में इस साल 933 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, जिन्हें नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। इन अभ्यर्थियों में 345 सामान्य वर्ग से, 99 इडब्ल्यूएस से, 263 ओबीसी वर्ग से, 154 एससी वर्ग से और 72 अभ्यर्थी एसटी वर्ग से अनुशंसित किये गये हैं।
इस परीक्षा के जरिये देश के टॉप सरकारी पदों जैसे आइएएस, आइएफएस और आइपीएस पर सेवा देने का मौका देती है। इस साल कुल 11 लाख 35 हजार 697 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से पांच लाख 73 हजार 735 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और अंतिम रूप से आयोग ने 1022 रिक्तियों के सापेक्ष कुल 933 अभ्यर्थियों को ही सफल घोषित किया है। मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले लगभग 2529 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इस बार आइएएस की 180 रिक्तियां, आइएफएस की 38, आइपीएस की 200 और ग्रुप ए की 473 और ग्रुप बी की 131 रिक्तियां थीं।
टॉपरों की सूची
1. इशिता किशोर
2. गरिमा लोहिया
3. उमा हरति एन
4. स्मृति मिश्रा
5. मयूर हजारिका
6. गहना नव्या जेम्स
7. वसीम अहमद भट
8. अनिरुद्ध यादव
9. कनिका गोयल
10. राहुल श्रीवास्तव
कठिन परिश्रम और मां को है सफलता का श्रेय : इशिता किशोर
सिविल सेवा परीक्षा की टॉपर इशिता किशोर दिल्ली विश्वविद्यालय के एसआरसीसी से स्नातक हैं। 26 वर्षीय इशिता किशोर ने बहुत ही कम उम्र में तय कर लिया था कि वह एक प्रशासनिक अधिकारी बनेंगी। इशिता कहती हैं कि एक वायुसैनिक के परिवार में जन्म लेने के कारण सेवा और कर्तव्य उनके संस्कारों का हिस्सा है। इशिता को यह सफलता तीसरे प्रयास में मिली है। उनकी ख्वाहिश एक आइएएस अधिकारी के रूप में देश की सेवा करने की थी। इशिता ने कहा कि वह अभी भी रिजल्ट को लेकर हैरान हैं। मुझे मेरे परिवार से लगातार सपोर्ट मिला है। इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हुए कहा कि उनकी सफलता में बहुत लोगों का हाथ है, क्योंकि कोई भी अकेले सफल नहीं बनता। उन्होंने कहा कि उनकी मां ही हैं, जिन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया और कहा कि तुम सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी मैं सब देख लूंगी। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने आइएएस बनने के लिए कितनी कठिन तैयारी की थी, इशिता कहती हैं कि यूपीएससी की परीक्षा वास्तव में कठिन तो है, क्योंकि तीन प्रकार की परीक्षा प्रीलिम्स, मेन और इंटरव्यू के लिए अलग-अलग तीन प्रकार की तैयारी करनी होती है। जो अभ्यर्थी इमानदारी के साथ लगातार कठिन परिश्रम करता रहेगा, उसे उसका रिजल्ट जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि सफलता मिली है।
इशिता किशोर एसआरसीसी में बीए आॅनर्स की छात्रा रही हैं। यूपीएससी मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय में तौर पर उन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशंस को रखा था। वह वर्तमान में ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) उत्तर प्रदेश में रहती हैं। साथ ही उन्होंने अपनी हॉबी के तौर पर मधुबनी पेंटिंग का उल्लेख किया है। उनका परिवार मूल रूप से पटना का रहने वाला है, लेकिन उनकी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली में ही हुई है।