हजारीबाग। मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए अपना संपूर्ण जीवन बलिदान करने वाले वीरता, पराक्रम, त्याग और देशभक्ति के प्रतीक महान योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती शहर के पोस्ट ऑफिस चौक के नजदीक महाराणा प्रताप चौक पर मनाई गई। सबसे पहले उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप का जयकारा लगाया, इसके बाद बारी बारी से लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण किया। उपस्थित लोगों ने कहा की महाराणा प्रताप ने मुगलों के बार-बार हुए हमलों से मेवाड़ की रक्षा की। उन्‍होंने अपनी आन बान और शान के लिए कभी समझौता नहीं किया। व‍िपरीत परिस्थिति में भी कभी हार नहीं मानी। यही वजह है क‍ि महाराणा प्रताप की वीरता के आगे किसी की भी कहानी ट‍िकती नहीं है। ऐसे वीर योद्धा को शत शत बार प्रणाम। 7 फीट 5 इंच लंबाई, 110 क‍िलो वजन, 81 किलो का भारी-भरकम भाला और छाती पर 72 किलो वजनी कवच। दुश्मन भी ज‍िनके युद्ध-कौशल के कायल थे। जिन्‍होंने मुगल शासक अक‍बर का भी घमंड चूर कर द‍िया। 30 सालों तक लगातार कोशि‍श के बाद भी अकबर उन्‍हें बंदी नहीं बना सका। ऐसे वीर योद्धा महाराणा प्रताप की 9 मई को जयंती है। मौके पर पंकज कुमार सिंह, अखिल भारतीय दहेज उन्मूलन सह समाज उत्थान राष्ट्रीय सवर्ण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीडी सिंह, शशि मोहन सिंह, पत्रकार दीपक सिंह, पत्रकार रवि सिंह, डॉ मिथलेश कुमार, रवि सिंह, संजय सिंह, अर्जुन सिंह, अमित सिंह, मनोज कुमार सरोज, विंदेश्वरी सिंह, शत्रुधन सिंह, उपेंद्र सिंह, सुनील सिंह राठौर, अभिनव सिंह, अभिषेक सिंह, अंकित सिंह, अनिकेत सिंह, मनोज सिंह, मनीष सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।

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