दिल्ली। नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना उद्बोधन शुरू किया तो अगले पांच मिनटों में ही करीब 14 बार तालियों की गड़गड़ाहट से सदन गूंज उठा। प्रधानमंत्री 34 मिनट तक देश को संबोधित किया और इस दौरान 65 बार तालियों की आवाज से नया सदन गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने रविवार को कहा कि बीते नौ साल नवनिर्माण और गरीब कल्याण के रहे हैं। उनकी इस बात पर देर तक तालियां बजती रहीं। नए संसद भवन से देश के संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे प्रेरणा के साथ-साथ संकल्प का प्रतिनिधित्व कहा तो सहज ही तालियां बजनी शुरू हो गईं।

उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा और दूसरी तरफ तालियां बजती रहीं। मोदी-मोदी के नारे लगते रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भवन आत्मनिर्भर भारत के सूर्योदय का साक्षी बनेगा। वे अपने उद्बोधन के दौरान नए संसद भवन की खूबियां बताते गए और लोग हर्ष भाव के साथ तालियां बजाते रहे। स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा कई बार तालियां बजाते दिखे। उनके साथ बैठे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी प्रफुल्लित दिखाई दिये। इस उद्घाटन समारोह में जो आए वे राष्ट्रभाव से सराबोर दिखे। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन आनंदित दिखीं। वे बार-बार तालियां बजाकर अपनी खुशी का इजहार कर रही थीं।

अपने उद्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जब कहा कि लोकसभा कक्ष में राष्ट्रीय पक्षी मोर को दिखाया गया है तो एकबारगी लोगों की नजर मोरे के बने उन छह तस्वीरों पर जा टिकी हो दीर्घा के ऊपर बनी हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय फूल कमल का छाया पूरे राज्यसभा कक्ष पर है।

प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन के दौरान जब सेंगोल की का जिक्र किया तो वहां बैठे अतिथियों के लिये वह कौतुहल का विषय बना। नए संसद भवन को जब उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के सपने साकार करने का जरिया बताया तो देर तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। 34 मिनट के दौरान ऐसे कई पल आए जब तालियों की आवाज में प्रधानमंत्री की आवाज घुल-मिल मिल गई।

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