चौपारण। बिहार से बंगाल जा रही एक लक्जरी बस को बुधवार आधी रात के बाद जब पुलिस ने चेकिंग के लिए चौपारण थाना क्षेत्र में जीटी रोड पर रोका, तो पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गयीं। यह क्या, बस में यात्रियों की जगह ढेर सारी गायें लोड थीं। मतलब साफ था, जीटी रोड पर अब पशु तस्कर ट्रक के बजाय लक्जरी यात्री बसों से पशु की तस्करी करने लगे हैं। जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात्रि में पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि गौ तस्करों के द्वारा एक ब्लू रंग की रॉकी नामक बस में गौवंशीय पशुओं को लोड कर तस्करी करने हेतु बिहार से बंगाल की वधशालाओं में ले जाया जा रहा है।
सूचना का सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु थानेदार ने एक छापामारी दल का गठन किया। उसमें थाना प्रभारी के अलावा पुअनि निलेश कुमार रंजन, चौपारण थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। प्राप्त सूचनानुसार चोरदाहा चेकपोस्ट पहुंच कर वहां तैनात सअनि बादल कुमार महतो एवं जैप-3 बल के सहयोग से बिहार से आने वाले वाहनों की सघन रूप से चेकिंग करने लगे। इसी दरम्यान समय करीब 02:05 बजे रात बिहार की ओर से एक ब्लू रंग की बस आती हुई दिखी, जिसके चालक को वाहन चेकिंग हेतु रुकने का इशारा किया गया, परंतु बस का चालक वाहन को रोकने के बजाय बस को और तेजी से चलाते हुए चोरदाहा चेकपोस्ट में लगी वैरिकेटिंग को तोड़ते हुए चौपारण की ओर भागने लगा।
12उसे पकड़ने के लिए पीछा करने के क्रम में बस चालक अचानक घाटी के पास बस खड़ा करके गाड़ी से कूद कर जंगल की ओर भाग गया। बस की जांच करने पर पता चला कि बस के अंदर की सारी सीटें हटा कर उसमें क्षमता से अधिक क्रूरतापूर्वक गौवंशीय पशुओं का पैर एवं मुंह बांध कर कुल 25 गौवंशीय पशुओं को बस के अंदर जबरन ठूंस-ठूंस कर छोटी सी जगह में लोड किया गया है तथा जानवरों को क्रूरतापूर्वक बांधने के कारण उनकी गर्दन एवं नाक से खून बह रहा है, जिसमें से एक जानवर मृत पाया गया।