-15 जून के बाद 600 होमगार्ड लगाये जायेंगे
रांची। राजधानी रांची में लचर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर कोर्ट ने नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया है कि वह शहर में सड़कों के किनारे वाहनों, खासकर दो पहिया वाहन को ना लगने दें। कोर्ट ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि रांची शहर में कुछ फूड स्टॉल और छोटी-छोटी दुकानों के निकट अनाधिकृत रूप से पार्किंग बना दी जाती है, जिसे रोकना होगा। सड़क किनारों को अतिक्रमण मुक्त रखना होगा, ताकि सुगम यातायात संभव हो सके। कोर्ट ने यह भी कहा है कि कुछ मॉल के बेसमेंट में पार्किंग व्यवस्था रहती है, लेकिन लोग इसका इस्तेमाल पार्किंग के रूप में ना कर, सड़कों पर ही अपने वाहन लगा देते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रहती है।
नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित करें कि लोग मॉल के पार्किंग स्थल में ही अपने वाहन लगायें। कोर्ट ने कहा कि रांची शहर में ऑटो रिक्शा और इ रिक्शा के लिए अधिकांश जगहों पर स्टैंड नहीं है। ऑटो रिक्शा, इ रिक्शा वाले सड़कों का अतिक्रमण करते हैं। ऐसे क्षेत्रों को प्रतिबंधित करना जरूरी है। कोर्ट ने सरकार को ये सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया है कि सड़क के चौक-चौराहों पर सीसीटीवी चालू हालत में रहे। पुलिस नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सड़कों को जाम मुक्त रखने का प्रयास करें।
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया की 15 जून के बाद रांची शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिए 600 होमगार्ड लगाये जायेंगे। यह होमगार्ड के जवान पूर्व में ट्रैफिक व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों के अतिरिक्त है। अगली सुनवाई 25 जून तक राज्य सरकार और रांची नगर निगम से ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर की गयी कार्रवाई के संबंध में हाइकोर्ट ने जवाब मांगा है।