-ग्रामीण विकास मंत्री से टेंडर घोटाले में हुई पूछताछ
चल-अचल संपत्ति की पूरी जानकारी मांगी
-संजीव लाल की पत्नी से भी हुई पूछताछ
रांची। ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के सामने पेश हुए। टेंडर घोटाला मामले और उनके निजी सचिव के नौकर से घर से मिले 32 करोड़ रुपये को लेकर पूछताछ की गयी। सूत्रों के मुताबिक आलमगीर इडी अधिकारियों द्वारा पूछे कई सवालों में उलझ गये। कुछ सवालों का उन्होंने जवाब दिया, तो कुछ सवालों पर चुप्पी साध ली। इडी ने आलमगीर आलम को आज फिर पूछताछ के लिए बुलाया है।
गौरतलब है कि इडी ने टेंडर घोटाला में मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम को फरवरी 2023 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद इस वर्ष 7 मई को इडी ने आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल, उसके नौकर जहांगीर समेत छह जगहों पर छापामारी की थी। इस छापेमारी में लगभग 32 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। इडी ने प्रोजेक्ट भवन स्थित ग्रामीण विकास विभाग में संजीव लाल के कार्यालय की भी तलाशी ली। वहां से भी लगभग दो लाख रुपये बरामद हुए थे। इस मामले को लेकर इडी ने मंत्री आलमगीर आलम को समन कर 14 मई को बुलाया था। इडी इस मामले में संजीव लाल की पत्नी से भी पूछताछ कर रही है। उसकी पत्नी रीता लाल को भी मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। हालांकि शाम चार बजे के करीब रीता को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
आलमगीर आलम सुबह करीब 11 बजे इडी कार्यालय पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक इडी ने वीरेंद्र राम, संजीव लाल और जहांगीर समेत अन्य लोगों की पूछताछ के आधार पर पहले से सवाल तैयार कर रखा था। सूत्रों के मुताबिक आलमगीर के जवाब से इडी अधिकारी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए हैं।