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    Home»झारखंड»अब पॉलिटिकल जिहाद से झारखंड को खतरा: प्रतुल शाहदेव
    झारखंड

    अब पॉलिटिकल जिहाद से झारखंड को खतरा: प्रतुल शाहदेव

    adminBy adminMay 18, 2024Updated:May 18, 2024No Comments2 Mins Read
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    -आलमगीर आलम के बांग्लादेश कनेक्शन की भी जांच हो
    -मंत्री के भाई ने बांग्लादेश में अरबों का कारोबार फैलाया है
    आजाद सिपाही संवाददाता
    रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शनिवार को झारखंड में पॉलिटिकल जिहाद को लेकर चिंता जतायी। मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार साल से लव जिहाद और लैंड जिहाद का खतरा तो बढ़ा ही है, पॉलिटिकल जिहाद भी बड़ा खतरा बन रहा है। उन्होंने अपने स्तर से मिली सूचनाओं का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के पिछले कुछ वर्षों में 206 पॉलिटिकल जिहाद के केस मिले हैं।

    इससे आशंका को बल मिल रहा कि राज्य में भोली भाली आदिवासी बेटियों, आदिम जनजाति की बहनों को बहला फुसला कर मुसलमान उनसे शादी कर रहे हैं। यह शादी भी पहली नहीं, बल्कि दूसरी, तीसरी होती है। शादी के बाद उनकी जमीन तो ले ही ली जा रही, पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक में आदिवासी महिलाओं को आगे कर दिया जाता है। कई जगहों पर तो ऐसा करने वाले पॉलिटिकल जिहाद में सफल भी हो गये हैं। उनकी पत्नी मुखिया, जिला परिषद सदस्य तक बन चुकी है। इसके जरिये वे स्थानीय निकायों में अपनी पकड़ भी बनाने में सफल हो चुके हैं। सरकार इस पर चुप है। इस दौरान मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक, इरफान भी उपस्थित थे।

    जहांगीर से नातेदारी और कमाई की भी हो जांच
    प्रतुल शाहदेव ने कहा कि आलमगीर आलम तो इडी की कस्टडी में आ चुके हैं। उनके सगे भाई जहांगीर आलम के साथ उनके कारोबार की भी जांच इडी करे। 1990 के दशक में जब आलमगीर की सियासत शुरू हुई, जहांगीर बांग्लादेश शिफ्ट हो गये। आज उनका दवाओं और दूसरे बिजनेस का अरबों का कारोबार है। जीरो से इस स्तर पर पहुंचने में आलमगीर ने कैसे मदद की, यह भी जांच हो तो दूध का दूध, पानी का पानी हो जायेगा।

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