नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई।
-बंगाल, तमिलनाडु, केरल में ढहे सत्ता के किले, असम में हिमंता नहीं हिले
कोलकाता/गुवहाटी/तिरुवनंतपुरम/चेन्नई/ पुडुचेरी। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे से स्पष्ट हो गया है कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विदाई हो गयी। भाजपा वहां पहली बार सरकार बनाने जा रही है। 2011 से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वहीं, असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा प्रचंड जीत हुई है। राज्य में भाजपा की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी हुई है, जिसे पार्टी की मजबूत संगठनात्मक रणनीति और राज्य सरकार के कामकाज का परिणाम बताया जा रहा है। तमिलनाडु में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को पीछे छोड़ते हुए अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके की सत्ता में ब्लॉकबस्टर एंट्री हुई है। केरल में लेफ्ट का किला ढह गया है। राज्य में कांग्रेस‑नेतृत्व वाले यूडीएफ को बहुमत मिला है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी भाजपा‑नीत गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार किया है।
बंगाल में ममता का किला ढहा:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के अभेद्य किले को ढहाते हुए सत्ता तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की है। बंगाल में दशकों से भाजपा संघर्ष कर रही थी। एक वक्त था, जब यहां पार्टी का खाता भी नहीं खुलता था, लेकिन आज भाजपा ने यहां इतिहास रच दिया है। आजादी के बाद पहली बार भाजपा न केवल बहुमत के आंकड़ा को पार किया, बल्कि उससे कहीं अधिक सीटों कब्जा किया। बंगाल केवल राजनीतिक रूप से नहीं, बल्कि वैचारिक रूप से भी भाजपा के लिए काफी अहम है। यह बीजेपी (जनसंघ) के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि है। इस साल पार्टी उनकी 125वीं जयंती मना रही है। ऐसे में बंगाल फतह पार्टी के लिए वैचारिक घर वापसी जैसा है। भाजपा पहली बार बंगाल में सरकार बनायेगी।
ममता स्ट्रांगरूम से निकलकर बोलीं, मुझे मारा, धक्का दिया
कोलकाता (आजाद सिपाही)। बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती देर रात तक चली। एक सीट फालता पर 21 मई को फिर वोटिंग होगी। इस दौरान ममता बनर्जी भवानीपुर काउंटिंग संटर पहुंची थीं। वहां से बाहर आकर उन्होंने आरोप लगाया कि, मुझे अंदर धक्का दिया और पीटा गया। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह जीत नहीं बल्कि लूट है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है वह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। यहां दोबारा काउंटिंग होनी चाहिए।
तमिलनाडु सीएम स्टालिन अपने ही बागी से हारे
-पुडुचेरी में फिर एनडीए की सरकार, केरलम में यूडीएफ को बहुमत
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक बार फिर जनता ने एनडीए पर विश्वास जताया है। एनडीए को 30 में 18 सीट मिले हैं। जो सरकार गठन के आंकड़े से अधिक है। कांग्रेस को केवल 6 सीटें मिली। केरलम में सभी 140 सीटों पर नतीजे घोषित हो गये हैं। यहां कांग्रेस ने 63 सीटों पर जीत दर्ज की है। यहां यूडीएफ को 102 सीट मिली है। जो बहुमत 71 से बहुत अधिक है। वहीं, एलडीएप को 35 सीट मिले हैं। उधर, तमिलनाडु के मौजूदा सीएम एमके स्टालिन कोलाथुर सीट से चुनाव हार गये। उन्हें टीवीके के बीएस बाबू ने 8000 से ज्यादा वोटों से हराया है। बाबू पहले डीएमके में थे। फरवरी 2026 में ही उन्होंने वियज की पार्टी जॉइन की थी। इधर, टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों के साथ बहुमत हासिल करना होगा। एक्टर विजय के पिता चंद्रशेखर ने कहा है कि विजय कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकते हैं।
पश्चिम बंगाल: कुल सीट: 293 बहुमत:147
पार्टी आगे जीते कुल
भाजपा 117 90 207
टीएमसी 32 48 80
कांग्रेस 0 2 2
लेफ्ट फ्रंट 2 0 2
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तामिलनाडू: कुल सीट: 234, बहुमत :118
पार्टी आगे जीते कुल
टीवीके 33 73 106
अन्नाद्रमुक+ 20 34 54
डीएमके+ 23 41 64
अन्य 3 7 10
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केरलम: कुल सीट : 140, बहुमत:71
पार्टी आगे जीत
यूडीएफ 00 102
एलडीएफ 00 35
एनडीए 00 3
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असम: कुल सीट: 126 , बहुमत:64
पार्टी आगे जीते कुल
भाजपा+ 2 100 102
कांग्रेस+ 4 17 21
अन्य 0 3 3
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पुडुचेरी: कुल सीट: 30, बहुमत:16
पार्टी आगे जीते कुल
एनडीए 2 16 18
कांग्रेस+ 0 6 6
अन्य 0 6 6

