संत क्लारेट लेदगाई स्कूल के बच्चों से भरा वाहन हादसे का शिकार, दो बच्चों का हाथ फ्रैक्चर होने पर एमएमसीएच रेफर
-चालक वाहन छोड़ फरार, अभिभावकों में आक्रोश; इलाज के दौरान स्कूल प्रबंधन रहा मौजूद
बरवाडीह। प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया।विद्यालय के छुट्टी होने के बाद संत क्लारेट लेदगाई स्कूल के बच्चों को लेकर जा रहा एक सवारी वाहन ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में आधा दर्जन से अधिक स्कूली बच्चे घायल हो गये। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी और आसपास के लोग बच्चों को बचाने दौड़ पड़े।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था। इसी दौरान ओवरटेक करने के प्रयास में चालक संतुलन खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया।घटना में घायल बच्चों को आनन-फानन में बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मिशन हॉस्पिटल एवं गांधी जी मेडिकल्स में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं। हालांकि दो बच्चों के हाथ में गंभीर फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच मेदिनीनगर रेफर किया गया है।रेफर किये गये बच्चों में कृति रंजन (9 वर्ष), पिता बद्री प्रसाद, रेलवे कॉलोनी निवासी तथा शिवंशी वर्मा (14 वर्ष), पिता पप्पू कुमार, आदर्शनगर निवासी शामिल हैं।वहीं अन्य घायलों में प्रियांशु गुड़िया (9 वर्ष), तेजस्वी चंद्रा, नव्या सिंह (6 वर्ष), कोमल रंजना (15 वर्ष) एवं पीयूष राज (15 वर्ष) शामिल हैं।घटना की सूचना मिलते ही बरवाडीह थाना प्रभारी अनुराग कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। वहीं अंचलाधिकारी लवकेश सिंह, बीस सूत्री अध्यक्ष नसीम अंसारी, जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, विधायक प्रतिनिधि प्रेम कुमार सिंह उर्फ पिंटू तथा उकामाड़ मुखिया पूनम देवी भी मौके पर पहुंचे।
घटना के बाद बच्चों के इलाज के दौरान स्कूल प्रबंधन भी लगातार अस्पताल में मौजूद रहा। फादर जॉर्ज, फादर बाला समेत शिक्षिका नेहा रानी लकड़ा, नेहा शर्मा, नीता सिन्हा, शिशु दया मिंज, रेणु बेक एवं मनोज बेक घायलों के इलाज और बच्चों की देखरेख में जुटे रहे।अंचलाधिकारी लवकेश सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इधर घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने प्रशासन से स्कूली वाहनों की जांच और तेज रफ्तार पर सख्ती की मांग की है।

