धनबाद: गुरुवार को धनबाद परिसदन में झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा झारखण्ड विकास मोर्चा (झाविमो) सुप्रिमो बाबूलाल मरांडी ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कोल इंडिया और बीसीसीएल दोनो संस्थाएं लोगो के साथ धोखाधड़ी कर रही है। इनके अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। कोल कंपनियां अपने कारनामों को छुपाने के लिए भी कई जगहों पर आग लगाने का काम कर रही है। श्री मरांडी ने कहा कि कोल इंडिया और बीसीसीएल का कहना है कि जमीन से कोयला निकालने के बाद पुन: उसके मालिक को जमीन वापस कर दी जाएगी। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार यह बताए कि सीबी एक्ट के तहत अब तक कितनी जमीन अधिग्रहण की गई और कितनी वापस की गई। सरकार के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है।

बीसीसीएल ने धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन के बीच कई जगहों पर रेलवे की जमीन से भी कोयला निकाल लिया है और उसे खुला छोड़ दिया है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 34 किलोमीटर धनबाद-चन्द्रपुरा (डीसी) रेल लाइन बंद करना सरकार की साजिश का पहला नजराना है। झारखंड में कुल 137 किलोमीटर रेल लाइन को बंद करने की योजना है। झरिया पुनर्वास और कोल इंडिया के पास उपरोक्त रेल लाइन बंदी करने संबंधी प्रस्ताव है।

इसमें कुसुंडा-तेतुलमारी लिंक लाइन (7 किमी), पाथरडीह-भोजूडीह लिंक लाइन (5 किमी), आद्रा रेल मंडल मे भोजूडीह-भागा-महुदा-गोमो रेललाइन (40 किमी) और चंद्रपुरा-भोजूडीह रेललाइन (40 किमी) को भी बंद करने की योजना है। बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि एक ओर हम दुनिया का सुपर पावर बनने का दावा करते हैं और कोयला में लगी आग को बुझाने में नाकाम हैं। जब हम वैज्ञानिक तरीके से कोयला में लगी आग को नहीं बुझा सकते, रेल लाइन को नहीं बचा सकते तब हम दुनिया की महाशक्ति बनने का दावा कैसे कर सकते हैं? प्रधानमंत्री को पहल कर ग्लोबल टेडर निकालना चाहिए, ताकि आग पर काबू पाया जा सके। पत्रकार वार्ता में झाविमो जिलाअध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा, पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय झा, रमेश कुमार राही सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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