जन्मतिथि में खेल कर परीक्षा देनेवाले आर्ट्स टॉपर गणेश को पटना पुलिस रिमांड पर लेगी। पटना पुलिस ने गणेश से पूछताछ के लिए कई सवाल तैयार किए हैं। पटना एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि इस कड़ी में टॉपर के अलावा कई और लोग भी जेल की हवा खा सकते हैं। उम्र का खेल करने वाले शातिरों तक भी पुलिस जल्द पहुंचेगी। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है कि स्कूलों से फॉर्म भरवाने के दौरान कौन-कौन से गिरोह सक्रिय हैं तो जन्मतिथि का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करते हैं।
फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सचिव अनूप कुमार के बयान पर कोतवाली थाने में गणेश के खिलाफ देर रात एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि फर्जीवाड़ा और अन्य धाराओं के अंतर्गत गणेश पर प्रथमिकी की गयी है।
स्कूल के प्राचार्य की तलाश में छापे
गणेश ने जिस स्कूल से 10वीं और 12वीं की परीक्षा दी है वहां के प्राचार्य भी गिरफ्तार किए जाएंगे। उनकी तलाश शुरू कर दी गयी है। एक विशेष पुलिस टीम एसएसपी के निर्देश पर पटना से बाहर समस्तीपुर के लिए रवाना हो गयी। टॉपर के घरवालों से भी पुलिस पूछताछ करेगी। किस परिस्थिति में उसने उम्र घोटाला कर दोबारा परीक्षा दी। इस बारे में क्रॉस वेरीफिकेशन किया जाएगा।
बड़े रैकेट का हो सकता है खुलासा
पुलिस की तफ्तीश में एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। आखिर कौन लोग विद्यार्थियों की उम्र घटाकर उन्हें दोबारा परीक्षा में बैठाने का खेल करते हैं। कितने पैसे लिए जाते हैं और इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कहां रहता है। गणेश के अलावे उस स्कूल से ऐसे कितने छात्रों ने परीक्षा दी थी जिसने रिजल्ट में हेरफेर किया था।
गणेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब विशेष टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जल्द ही हमारी टीम इस प्रकरण की गहराई तक जाकर दूसरे शातिरों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाएगी। गणेश से पूछताछ जारी है।
मनु महाराज, एसएसपी, पटना
नौकरी के लिए उम्र छुपा कर दी परीक्षा : गणेश
आर्ट्स टॉपर गणेश कुमार ने स्वीकार किया कि उससे गलती हुई है। उसने नौकरी करने के लिए उम्र छुपायी और दोबारा मैट्रिक और इंटर की परीक्षा दी। बोर्ड ऑफिस में बात करते वक्त गणेश के चेहरे पर घबराहट साफ दिखायी दी रही थी।
गणेश ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए नौकरी के चक्कर में उसने उम्र छिपाकर दोबारा परीक्षा दी थी। बताया कि घर की माली हालत ठीक नहीं। वह दलित है और उसके दो बच्चे हैं। अभी ट्यूशन पढ़ाकर खुद पढ़ाई करता है। घर चलाना उसके लिए मुश्किल था। उसे किसी ने दोबारा परीक्षा देने की सलाह नहीं दी थी। खुद उसने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दी। स्कूल से फॉर्म भरने के लिए उसने शुल्क के रूप के एक हजार रुपये दिए थे। वह दलित वर्ग से आता हूं और उसके दो बच्चे हैं।
सुबह ही पहुंचा था बोर्ड कार्यालय
|गणेश बोर्ड कार्यालय सुबह ही पहुंचा था लेकिन उसे मीडिया की नजरों से बचाकर रखा गया। गणेश से दिन भर पूछताछ की गयी। इसके बाद वह मीडिया के सामने आया।
स्कूल प्रबंधन से कहा था, सर हम पढ़ना चाहते हैं
गणेश ने कहा कि स्कूल प्रबंधन से उसने अनुरोध किया था कि वह पढ़ना चाहता है। इसके बाद प्रबंधन द्वारा उससे फार्म भरवाया गया। शुरू में गणेश मीडियाकर्मियों के सवालों से बचता रहा फिर अध्यक्ष से मिलने की बात करने लगा। उसने कहा कि वह अध्यक्ष से बात करना चाहता है। उसने कहा कि उम्र छुपाई थ्री लेकिन कॉपियों में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की।