नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को 2,200 से अधिक विदेशी नागरिकों को तब्लीगी जमात की गतिविधियों में शामिल होने पर अगले 10 साल के लिए भारत आने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक प्रतिबंधित 2,200 विदेशी नागरिकों में से किसी को भी किसी भी परिस्थिति में भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि उन्हें वीजा जारी नहीं किया जाएगा। इस साल अप्रैल में, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने तब्लीगी गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद वीजा नियमों का उल्लंघन करने के लिए 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्टेड किया था।
सूत्रों के मुताबिक, ब्लैकलिस्ट किए गए 2,200 विदेशियों में माली, नाइजीरिया, श्रीलंका, केन्या, जिबूती, तंजानिया, दक्षिण, अफ्रीका, म्यांमार, थाईलैंड, बांग्लादेश, यूके (ओसीआई कार्ड धारक), ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं। इन पर अगले 10 साल तक भारत में आने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
निजामुद्दीन का मामला सामने आने के बाद तब्लीगी जमात के देश के बाकी मरकजों में भी विदेश से आए लोगों का पता चला था। तेलंगाना से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार-झारखंड तक तमाम राज्यों में कई मस्जिदों से 700 से ऊपर विदेशी पकड़े गए थे। इनमें से ज्यादातर टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। निजामुद्दीन मरकज में 216 विदेशियों के अलावा लखनऊ में 13, रांची के मस्जिदों में 30, पटना के मस्जिदों में 10 विदेशी पकड़े गए हैं।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संकट के दौरान दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में एक मजहबी जलसे में शामिल होने के लिए विदेशी नागरिक भी पहुंचे थे। इस जलसे में शामिल जब कुछ लोगों को कोरोना हुआ और कुछ की जान चली गई तो तब्लीगी जमात के कार्यक्रम की जानकारी हुई। इसी के साथ जमात में शामिल होने के लिए विदेश से आने वाले नागरिकों की चालबाजी भी पकड़ी गई है। तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की ट्रेसिंग के दौरान कुछ विदेशी नागिरक पकड़े गए। जब इनकी जांच की गई तो तमाम जमातियों के पास से टूरिस्ट वीजा बरामद हुआ था।